बजट 2026-27 में जल संसाधन विभाग को सबसे ज्यादा फायदा

गंगरेल, सोंदूर एवं रूद्री बैरागी सहित प्रमुख समन्वयकों की सहभागिता

धमतरी – राज्य शासन बजट वर्ष 2026-27 में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत विभिन्न महत्वपूर्ण सीना एवं बांध सुरक्षा कार्य को प्रारंभ किया गया है। इन के उद्यम माध्यम से धमतरी में शामिल है कांकेर बाल एवं औद्योगिक क्षेत्र में सीलिंग क्षमता में वृद्धि होगी, तट संरक्षण को जगह और जल प्रबंधन व्यवस्था अधिक सुरक्षित और प्रभावशाली होगी।

जिले के प्रमुख संस्थाएँ-रविशंकर सागर (गंगरेल बाँध), मुरूमसिल्ली बाँध, सोंदूर झील और न्यू रूद्री बैराज में समग्रता, तट संरक्षण और सुरक्षा शैक्षणिक गतिविधियाँ शामिल हैं।

धमतरी जिले में गैंगरेल बांध के अंतर्गत थेमली आईलैंड निर्माण कार्य (₹200 लाख) और एपॉक्सी ग्राउटिंग एवं हाई व्हील वॉटर जेट से वीपीडीसफाई कार्य (₹490 लाख) कर बांध की सुरक्षा एवं स्थायित्व सुनिश्चित किया जाएगा। महानदी के बाएं तट पर ग्राम गंगरेल से मरादेव तक गाइड वाल निर्माण (₹500 लाख) से तट कटाव पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा और अवशेषों की भूमि सुरक्षित रहेगी।

मुरूमसिल्ली बांध में डेम प्रोफाइल रिस्केक्शनिंग (₹500 लाख) एवं स्टोन पिचिंग (₹445 लाख) से संरचना की क्षमता क्षमता। सॉन्डूर मीटिंग में एप्रोच रोड मीन्स, डिज़ाइन निर्माण (₹500 लाख) और डाउनस्ट्रीम रिवोल्यूशन वाल (₹500 लाख) के कार्य से एप्रोच रोड मीन्स और सुरक्षा टोकरे होंगे। न्यू रूद्री बैराज के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में स्पील चैनल क्लीयरेंस एवं दोनों स्लाइड पर सोलर वॉल (₹500 लाख) और ग्राम शताब्दी क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा दीवार (₹500 लाख) का निर्माण किया जाएगा।

कांकेर जिले में दुधावा बांध में आउटफॉल चैनल के दोनों तरफ गाइड वाल (₹800 लाख) और स्लूस जिले में एपॉक्सी ग्राउटिंग (₹300 लाख) से जल विक्रेताओं की व्यवस्था में कमी आएगी और बाढ़ जोखिम में कमी आएगी।

बालोद जिले में महानदी विभाग नहर की सुरई, सोहपुर और लिमोरा शाखा में लाइनिंग और जीर्णोद्धार (₹1000 लाख) और फागुंदा शाखा नहर और माइनरों में पक्की दोस्ती का निर्माण (₹1000 लाख) किया जाएगा। इससे जल अपव्यय में कमी आएगी और टेल-एंड तक पानी की सीक्वेंसी होगी।

इन उद्योगों से हजारों खेत कृषि भूमि को नियमित सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। नहर लाइनिंग एवं ढांचागत सुधार से जल संरक्षण को बढ़ावा। गाइड वाल एवं रिवोल्यूशनल वाल निर्माण से तट कटाव की समस्या में राहत नदी नदी और किनारे के तटीय क्षेत्र की भूमि एवं आवास सुरक्षित रहेंगे। प्रौद्योगिकी एवं ग्राउटिंग कार्य से बांधों की दीर्घकालीन वास्तुशिल्प सुरक्षा सुनिश्चित होगी। निर्माण उद्यमों से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर सृजित और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को प्रयोगशालाएँ मिलती हैं।

कलेक्टर  अविनाश मिश्रा ने कहा कि बजट 2026-27 में ये सभी कार्य जिले की दीर्घकालीन जल प्रबंधन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी श्रमिकों की तकनीकी गुणवत्ता, सहयोगी एवं साइंटिस्ट साइंटिस्ट की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों एवं विद्यार्थियों को शीघ्र लाभ प्राप्त हो सके।