कांकेर – जीवन में सकारात्मकता और सृजनात्मकता से दूरगामी परिणाम सामने आए हैं। कभी-कभी हिंसा की राह पर चलने वाले आत्मसमर्पित माओवादी अब नवप्रवर्तन की ओर आगे बढ़ रहे हैं और विभिन्न कणों में प्रशिक्षण लेकर उनके भीतर प्रतिभा को निखार रहे हैं। भानु प्रतापपुर विकास खंड मुख्यालय से लगे ग्राम चाउगेल (मुल्ला) स्थित रैंकिंग केंद्र आज सकारात्मक परिवर्तन और आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण सामने आया है। यहां प्रमाणित आत्मसमर्पित माओवादियों द्वारा प्राकृतिक और हर्बल गुलाल का निर्माण किया जा रहा है, जो उनके जीवन में नई आशा और सम्मान का संचार कर रहा है।एक समय प्रबंधन से भटके ये युवा अब शासन की अंतिम नीति और जिला प्रशासन के सहयोग से जुड़े हुए हैं। इसके तहत उन्हें अलग-अलग वैयक्तिक मूल कंपनी का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें एक प्लांट उत्पाद निर्माण विशेष रूप से शामिल है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पलाश के फूल, मेहंदी, हल्दी, सिन्दूर बीज, चुकंदर एवं अन्य प्राकृतिक वन उत्पादों से रसायनमुक्त एवं त्वचा के लिए सुरक्षित गुलाल तैयार किया जा रहा है।
इस प्रथम का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराना भी है। होली पर्व पर इस प्लांट गुलाल की मांग लगातार हो रही है, जिससे जुड़े लोगों की आय में गिरावट आई है और वे आर्थिक रूप से विघटित हो रहे हैं। रियलिटी कैंप में प्लांट गुलाल उत्पाद का प्रशिक्षण प्राप्त कर रकी आत्मसमर्पित माओवादी मानकी नेताम, समको नुरूटी, उंगी कोररम, कास्ट सलाम, गेंजो हुपेंडी कू। काजल वेदा ने बताया कि यह उनके लिए बेहद उपयोगी और अच्छा लग रहा है। होली महोत्सव के शानदार प्लांट गुलाल की अधिक मांग है, इससे बेहतर आय होगी।इस तरह का कॉलेज रजिस्ट्री केंद्र का कथन सबसे पहले इस बात का प्रमाण है कि व्यक्ति अपने जीवन की दशा और दिशा में बेहतर अवसर, दिशा और दिशा ला सकता है। हिंसा का अंत शांति, विकास और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए ये कदम समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। यहां बन रहा है प्लांट गुलाल केवल रंग नहीं, बल्कि नई शुरुआत, विश्वास और सम्मान की पहचान बन गई है।
