मित्तल कंपनी के चहेते परिवहन कर्ता दामाद ठेकेदार फिर हुए सक्रिय
किरंदुल – विश्वस्तरीय बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल एंड निप्पन स्टील किरंदुल से निकलने वाली टेलिंग्स यानी लाल जहर को फिर से एक बार दंतेवाड़ा जिले के साथ साथ सुकमा जिले में खपाने की तैयारी आर्सेलर मित्तल के साथ साथ मित्तल कंपनी के दामाद चाहते परिवहन ठेकेदारों ने फिर शुरू कर दी है । बैलाडीला की पहाड़ियों से निकलने वाले लोह अयस्क को पाइप लाइन के माध्यम से 267 किलोमीटर की दूरी तयकर विशाखपट्नम तक भेजने वाली कंपनी किरंदुल में लौह अयस्क से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को समय समय पर चहेते दामाद ठेकेदारों के माध्यम से बस्तर के भोले भाले ग्रामीणो को बरगलाने के बाद उनकी निजी जमीन में किरंदुल स्थित मित्तल आर्सेलर कंपनी से निकलने वाले टेलिंग्स को खपाने के लिए परिवहन कर लाखों रुपए कमाने के साथ साथ दंतेवाड़ा जिले की महत्पूर्ण नदी को भी लाल मय करने से कोई गुरेज नहीं करते है ।
इस ही कड़ी में मित्तल कंपनी के लाल जहर को दंतेवाड़ा जिले के कारली में लेकर जाने वाली ट्रकों को सात धार के बीच गमावाड़ा पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने काफी समय तक रोके रखा । जिस कारण किरंदुल से दंतेवाड़ा और नकुलनार से दंतेवाड़ा जाने वाले यात्रियों के साथ साथ वाहनों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा ।
