रैली के अंतिम चरण में कलेक्टरों का सतत निरीक्षण, 37 अभिलेखों का दौरा किया गया

धमतरी – शासन द्वारा 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर जा रही धान का सौदा अब अंतिम चरण में है। जिले में युवाओं के लिए लामबंद और स्थिर बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा लगातार धान के आबंटन का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आज धमतरी, मगरलोड एवं कुरुद विकासखंड के धान संबंधित केंद्र बथेना, भोथली, बगौद, भाटागांव, कोडेबोड़, कोकड़ी, करेलीबड़ी, कुंडेल, मगरलोड एवं बोरसी का टूर कर फ्रेंड्स का दौरा लिया और किसानों से चर्चा की। अब तक डॉक्टर श्री मिश्रा जिले के 37 धान एलॉटमेंट की जांच की जा चुकी है।

निरीक्षण के दौरान डॉक्टर ने टोकन कटने की स्थिति, किसानों द्वारा धान की कीमत, रकबा दान, धान उठाव एवं भुगतान प्रक्रिया की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन किसानों के टोकन पहले ही कट गए हैं, उनका धान प्राथमिकता के आधार पर बिना किसी देरी के खरीदा जाए। रजिस्ट्रार ने कहा कि छोटे, पेशेवर और वास्तविक किसानों को किसी भी प्रकार की पूछताछ न करनी पड़े, यह प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।रकबा दस्तावेज़ एवं फ़सल फ़ायरिंग की समीक्षा करते समय कलेक्टर ने अवैध धान परिवहन, भंडार एवं फ़र्ज़ी बिक्री पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिये। उन्होंने दो टूक कहा कि धान समरूपता प्रक्रिया में किसी भी तरह की कठिनाई, अध्ययन या उदासीनता को ध्यान में नहीं रखा जाएगा और संपूर्ण दमन शासन के निर्देश-निर्देशों के घटक पूर्ण संरचना के साथ की जाए।कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि पहली बार धान वैकेंसी तकनीशियन कटवाने वाले किसानों का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान यदि फर्जी रकबा, अवैध धान बिक्री या अन्य दस्तावेज पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।इसके साथ ही कलेक्टर ने किसानों के अन्य सामानों की भी जांच की, जिसमें किसानों के लिए धान की साख, छाया, शौचालय की व्यवस्था, बैठने की सुविधा भी शामिल थी। उन्होंने धान उठाव की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि समयबद्ध उठाव से किराए में भीड़ कम होगी और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानपति श्री नभसिंह कोसले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन जारी करने की प्रक्रिया उल्लेखनीय है। शासन के निर्देशाधीन जिलों के 74 उपार्जन उद्यमों के माध्यम से कुल 1,29,327 किसानों की 1,27,504.80 हेक्टेयर जमीन पंजीकृत की गई है। 15 नवंबर 2025 से अब तक 1,16,388 किसान से 55,51,317.6 मूल धान की राशि 1,316.14 करोड़ रुपये है। इसके खिलाफ 1,05,376 किसानों को 1,208.63 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।

22 जनवरी 2026 के लिए 1,982 किसानों को टोकन जारी किए गए हैं, जहां माध्यम से 8,421.38 अनमोल धान की पेशकश की गई है। अब तक 22,37,546.8 मूल धान का उठाव शेष है, जबकि 33,13,770.8 मूल धान का उठाव शेष है। साथ ही जिले में 91,986 किसानों का 5,182.91 हेक्टेयर रकबा का बकाया है।