कांकेर – छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत वर्ष मनाया जाता है। इसी सिद्धांत में कृषि विभाग कांकेर के महासचिव रिफॉर्म्स आत्मा योजनार्गत द्वारा एक दिव्य जिला सांस्कृतिक किसान मेले का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर के अल्पसंख्यक क्षेत्र के न्यूनतम श्री भोजराज नाग शामिल हुए, जबकि कांकेर के प्रमुख श्री आशाराम नेता ने की।
न्यू कम्यूनिटी हॉल में आज आयोजित जिला सांस्कृतिक किसान मेले में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के दल किसानों के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। कोदो, कुटकी और रागी जैसे पारंपरिक मोटे अनाजों पर किए गए शोध से यह सिद्ध हुआ है कि इनमें रोग निर्माण की क्षमता अधिक है और अब इनका उपयोग संस्थागत रूप से बढ़ रहा है। उन्होंने किसानों से जैविक एवं पारंपरिक खेती के लिए आवेदन किया। न्यूनतम श्री नाग ने कहा कि स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार किसानों को अतिरिक्त आय के साथ सब्जी का उत्पादन करना चाहिए, ताकि उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने धान की पारंपरिक खेती के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन बीजाणु, फलोद्यान जैसे आम, नारियल आदि की खेती को भी नापसंद करने के लिए कहा कि इससे कम लागत में ज्यादा चमत्कारी और शानदार होता है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में जोर देकर कहा कि जिले के किसान परिवार के बच्चे भी आज शिक्षा क्षेत्र में आगे बर्बर जिले और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने और व्यावसायिक खेती की सलाह दी और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके पहले, मिनिमल श्री नाग और अन्य मंच पर स्टॉक ने किसान मेले में अलग-अलग स्टॉक द्वारा रखे गए स्टॉक का भी पुनर्ग्रहण किया था। इनमें मत्स्य पालन, पशुधन विकास, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी और रेशम विभाग के स्टॉल शामिल थे।
कार्यक्रम को दिखाते हुए कांकेर विधायक श्री नेता ने कहा कि ऐसे किसान मेलों में सभी किसानों को भाग लेना चाहिए, जिससे शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में किसान स्टार्टअप रह जाते हैं। उन्होंने खेती के साथ-साथ बकरी पालन, मछली पालन और शूकर पालन को अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में निषेध की सलाह दी। साथ ही मिश्रित खेती का आग्रह उद्यमियों किसानों से किया। इस अवसर पर किसानों को विभिन्न चुनावी योजनाएँ एवं सामग्री उपकरण एवं आपूर्ति पत्र प्रदान किये गये।
जिला वैज्ञानिक किसान मेले में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र तायडेर द्वारा उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी एवं रिसर्चर रिफॉर्म्स स्पिरिट योजना के तहत संचालित विभिन्न आयामों की विस्तृत जानकारी दी गई है। साथ ही उन्नत एवं कृषि प्रौद्योगिकी, नवीन कृषि प्रयोगों के साथ जिलों में चल रहे नवाचारों से लेकर किसानों तक का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर भारत मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री मतियारा, हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, जिला पंचायत के सदस्य श्रीमती मृदुला भास्कर, पूर्व सहायक श्रीमती सुमित्रा मार्कोले एवं महेश जैन, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री बीरबल साहू, उपसंचालक कृषि श्री दादी कोमरा सहित संबंधित सहायक के अधिकारी-कर्मचारी एवं जिले भर से बड़ी संख्या में किसान शामिल हैं।
किसानों की आय दुगनी करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है: श्री नाग
जिला किसान मॉडल में आधुनिक एवं जैविक कृषि प्रौद्योगिकी की जानकारी दी गई है।
