कलेक्टर श्री मिश्रा ने मैग्लोड के अभिलेखों का निरीक्षण किया

परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्रों से संवाद, परामर्श को निर्दिष्ट ठोस दिशा-बोर्ड निर्देश

धमतरी – कलेक्टर  अविनाश मिश्रा ने आज मैग्लोड विकासखंड के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों, माध्यमिक विद्यालय मैग्लोड एवं माध्यमिक शाला लुगे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों से आगामी बोर्ड इंडियन्स के विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।डॉक्टर श्री मिश्रा ने छात्रों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, पाठ्यक्रम की गहनता और समझ को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि परीक्षा को कोई श्रेय नहीं दिया गया, बल्कि इसे अपनी मेहनत और ज्ञान को चित्रित करने का अवसर दिया गया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी किप्रतिदिन निर्धारित समय-सारणी छोड़ें अध्ययन करें, कठिन विषयों पर विशेष ध्यान दें, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें, व्यवस्थित विश्राम और सकारात्मक सोच बनायें।छात्र-छात्राओं से उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में भी चर्चा की। एक छात्र ने स्वयं को उन्नत किसान आर्थिक रूप से दलित होने और अन्य लोगों को रोजगार देने की इच्छा व्यक्त करने के लिए अपनी सोच की वकालत की और सभी विद्यार्थियों से तालियाँ बजवाकर को अपना प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत लक्ष्य और कड़ी मेहनत से हर सपना साकार हो सकता है।

इसके उत्तराधिकारी श्री मिश्रा ने स्वामी आत्मानंद स्कूल बफ़ेलोमुंडी के कार्यशाला एवं शिक्षक-शिक्षकों की बैठक को लेकर बोर्ड परीक्षाओं का विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विद्यालय के परीक्षा परिणामों में इलैक्ट्रॉनिक, समन्वित और सतत् मार्गदर्शन को शामिल किया जाना चाहिए।

डॉक्टर ने निर्देश दिए कि होनहार छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन और रिवीजन लड़कियों द्वारा संचालित की जाए। पेशेवर छात्रों की पहचान कर उनके अतिरिक्त वीडियो और व्यक्तिगत ध्यान दिया जाए, नियमित परीक्षण और मूल्यांकन के माध्यम से छात्रों की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखी जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मठाधीशों का नामांकन पत्र जारी नहीं किया जाएगा, बोर्ड उनका विरोध करेगा। साथ ही एल्यूमिनियम हीटर को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के लिए पूर्व छात्रों के लाभ का लाभ वर्तमान छात्रों तक के लिए निर्देश भी नीचे दिए गए हैं।

बैठक में बीईओ  मनीष ध्रुव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। रजिस्ट्रार ने अंत में सचिवालय से कहा कि वे विद्यार्थियों को केवल अध्ययन सामग्री तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि उन्हें अनुशासित, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी काम करेंगे।