भारतीय कुष्ठ निवारण संघ गौशाला कात्रेनगर चांपा में एक दिवसीय गौ उत्पाद प्रशिक्षण संपन्न

चांपा – भारतीय कुष्ठ निवारण संघ द्वारा संचालित गौशाला कात्रेनगर, चांपा के तत्वावधान में दिनांक 14 दिसंबर 2025 को एक दिवसीय गौ उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में गौ संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र सुबह 9:15 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय सत्र दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चला। पूरे दिन प्रशिक्षण के पश्चात शाम 4 बजे शांति मंत्र के उच्चारण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में दीदी लालिमा जायसवाल, गौ उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण प्रमुख, गौ सेवा गतिविधि छत्तीसगढ़ ने प्रशिक्षक के रूप में सहभागिता की। उन्होंने प्रतिभागियों को गौ आधारित उत्पादों के निर्माण की वैज्ञानिक, पारंपरिक एवं व्यवहारिक विधियों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान गौमाता के महत्व, गोबर एवं गौमूत्र की उपयोगिता तथा इनके माध्यम से निर्मित उत्पादों से होने वाले स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं आर्थिक लाभों पर भी प्रकाश डाला गया।

प्रशिक्षण में गोबर से निर्मित धूपबत्ती, दीपक, लक्ष्मी जी एवं गणेश जी की मूर्तियां, लक्ष्मी जी के चरण चिन्ह, गौमाता की प्रतिमा सहित कई पूजनीय एवं उपयोगी वस्तुओं के निर्माण की विधि सिखाई गई। इसके साथ-साथ काला दंत मंजन, लाल दंत मंजन, गोनाइल, अमृतधारा जैसे दैनिक उपयोग एवं स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों के निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को कच्चे माल की मात्रा, निर्माण विधि, भंडारण तथा उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।

इस अवसर पर आश्रम के सचिव श्री सुधीर देव जी, श्री लोमसराम जी एवं श्री घनश्याम तिवारी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि गौ आधारित उत्पाद न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।कार्यक्रम में आश्रम के भैया-बहन, सुशील विद्या मंदिर के विद्यार्थी, गौसेवक तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए अनेक भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में गौ उत्पाद निर्माण को अपनाने की इच्छा व्यक्त की।कार्यक्रम का समग्र उद्देश्य गौ सेवा के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन, स्वदेशी उत्पादों का प्रोत्साहन एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ाना रहा, जिसमें यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णतः सफल सिद्ध हुआ।