धमतरी – छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने खाद्य सुरक्षा, मध्याह्न भोजन और पोषण आहार को लेकर आज की बैठक में जिला स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक हितग्राही को समय-समय पर पूर्ण भोजन एवं पोषण सामग्री क्षेत्र प्रदान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राशन वितरण में पूर्ण दुकान सुनिश्चित की जाये तथा किसी भी स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। उन्होंने फोर्टी फाइट विधि चावल के गुण एवं कंप्यूटिंग के एसोसिएटेड पोस्ट सभी राशन के मानकों में शामिल होने की बात कही। बैठक में सचिव, राज्य खाद्य आयोग राजीव मिश्रा, रजिस्ट्रार अविनाश मिश्रा उपस्थित थे।श्री शर्मा ने कहा कि बच्चों को पोषण आहार की गुणवत्ता और मात्रा का सही आकलन करने के लिए बच्चों के बच्चों के बच्चों और बच्चों के पोषण की जांच करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से आंगनबाडी प्रयोगशालाओं और मितानिनों को सक्रिय रूप से फील्ड में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य हितग्राही को मंजूरी से न दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चे को साइबेरियाई में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो, इसमें किसी भी प्रकार की विविधता न हो, अन्यथा अर्थशास्त्र के पेशेवरों की रुचि हो।बैठक के दौरान अपर रजिस्ट्रार इंदिरा देवहारी ने जिलों में संचालित परिभाषा की वर्तमान स्थिति, खाद्यान्न वितरण की प्रगति, मध्य प्रदेश में भोजन की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था और पोषण आहार आपूर्ति की विस्तृत जानकारी दी। अपर रिज़र्वेटर ने कहा है कि डिस्ट्रीब्यूटरी एवेंट्रीज़ के डिस्ट्रीब्यूटर्स के डायरेक्ट में नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और सभी ट्रांसपोर्ट व स्टोरेज स्टोर्स में सुधार की आवश्यकता है, जिससे व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और परंपरावादी बन सके।राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने जिला प्रशासन की विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि धमतरी जिले में सभी विभाग सामूहिक रूप से समन्वय स्थापित करने और बेहतर बनाने का प्रयास करें, ताकि प्रत्येक परिवार तक खाद्य सुरक्षा की गारंटी हो सके। उन्होंने जिला प्रबंधक नान को राइस पोर्टफोलियो पर दीवाल पर एक तरफा एपीएल और दूसरी तरफ बीपीएल पर चावल अंकित करने को कहा। बैठक में जिला खाद्य अधिकारी बसंत कोर्राम, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती जगरानी एक्का, सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विमल साहू, जिला समन्वयक देवेश सूर्यवंशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
