गरियाबंद (बेल्टुकरी) – बेल्टुकरी गाँव में इन दिनों एक बड़ा फर्जीवाड़ा सरेआम फल-फूल रहा है। यहाँ तोरणलाल साहू नाम का एक व्यक्ति डॉक्टर बनकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस स्वघोषित डॉक्टर के पास न तो डॉक्टरी की कोई वैध डिग्री है और न ही प्रशासन की अनुमति।कानून को ठेंगा: बिना रजिस्ट्रेशन सरेआम प्रैक्टिसनियमों के मुताबिक, क्लिनिक खोलने के लिए स्वास्थ्य विभाग (CMHO) और जिला प्रशासन से कड़े लाइसेंस लेने पड़ते हैं, लेकिन तोरणलाल साहू ने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी परमिशन के अपनी दुकान सजा ली है। यह न सिर्फ धोखाधड़ी है, बल्कि मासूम ग्रामीणों की जान को सीधे जोखिम में डालने वाला कृत्य है।दवाइयों का जखीरा और जानलेवा इलाजसूत्रों का दावा है कि बिना किसी चिकित्सीय ज्ञान के यह व्यक्ति हाई-डोज दवाइयां और इंजेक्शन दे रहा है। बिना डिग्री के किया जाने वाला ऐसा इलाज किसी भी वक्त ‘जानलेवा’ साबित हो सकता है। क्या गरियाबंद का स्वास्थ्य विभाग किसी की मौत होने का इंतज़ार कर रहा है?जनता की मांग: तुरंत हो गिरफ्तारी और क्लिनिक सीलस्थानीय ग्रामीणों में इस फर्जीवाड़े को लेकर भारी गुस्सा है। जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत इस ‘फर्जी डॉक्टर’ के क्लिनिक पर छापा मारे, उसे सील करे और तोरणलाल साहू के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजे।
