कांकेर – जिले में सक्रिय माओवादियों से 21 हिंसा का मार्ग खत्म शासन की रीति-नीति से प्रभावित तानाशाही समाज के ढांचे में शामिल हुए। जंगलवार कॉलेज सिंगारभाट में आज आयोजित कार्यक्रम में जंगलवार कॉलेज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. उन्होंने सभी 21 माओवादियों का भारत के संविधान की प्रतिकृति के रूप में उनका शाही महल में शामिल होने पर स्वागत किया। सभी ताकतवर माओवादियों ने लोकतंत्र पर आस्था प्रकट करते हुए 18 शरणार्थियों के साथ मठों में प्रदर्शन किया। इनमें ए.के.-47, एसएलआर, इंसास राइफल, थ्री-नॉट-थ्री राइफल, 315 बोर राइफल, सिंगल शॉट राइफल और बीएलजी शामिल थे। इस दौरान जज़बान समाज के गायता-मांझी ने भी सभी माओवादियों का पुष्पकर स्वागत किया। कांकेर के रजिस्ट्रार निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, सैलून इंदिरा कल्याण एलेसेला, जंगलवार के प्रमुख ब्रिगेडियर एस.के. लांबा, कोंडागांव एसपी अक्षय कुमार सहित बिल्डर्स, आईटीबी और पी विभिन्न कॉलेजों के मुख्य सुरक्षा अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।चर्चा के दौरान कलेक्टर क्षीरसागर ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की सख्त नीति के तहत 13 माओवादियों को स्टॉक एक्सचेंजों में स्थापित करने की पेशकश की गई है। इसी तरह 36 प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सुपरमार्केट में रहने वाले युवाओं के लिए विभिन्न रोजगार एवं मूल स्वामित्व वाली कंपनियों को जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा दुर्गम और हावड़ा बी रीयाल में 150 करोड़ की कुल लागत से 40 पुल-पुलिया शासन द्वारा लगाए गए हैं।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा माओवादियों को शासन के ढांचे से जोड़कर और उन्हें निर्मित करने के उद्देश्य से पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) नामक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें हिंसा के तहत लोकतंत्र छोड़ने की आस्था जताने का अवसर प्रदाय किया जा रहा है। इसके लिए राज्य द्वारा विभिन्न रेखांकन नीति, नियाद नेल्लनार योजना, पूना मार्गम आदि अभियान चलाया जा रहा है।
