राज्यपाल श्री  डेका ने दुगली में वनधन विकास केंद्र का नारा दिया, महिलाओं की आत्मनिर्भरता को स्तर।

वनांचल नगरी ब्लॉक में एलोवेरा, मूसली, वनोपजों से 22 मंजिलों का हो रहा निर्माण।

धमतरी – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र नगरी विकासखंड के दुगली ग्राम में स्थित एमसीपी सेंटर (वन प्रोड्यूसर सेंटर) प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र के लोकतंत्र का उदाहरण बन गया है। इस केंद्र में एलोवेरा, मूसली, क्लब, शतावर, अर्जुन, तिखुर, माहुल पत्ता जैसे वनोपजों से 22 अलग-अलग इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें एलेरा से निर्मित लोशन, बॉडी वॉश, साबुन, हेयर डाई, मॉइश्चराइजर, जेल, साबूत, मूसली लोशन, वज्रदंती हर्बल पाउडर, ट्राइफला केश, अश्वगंधा पाउडर, डोना-पत्तल आदि शामिल हैं। इन कार्यशालाओं के निर्माण से स्व-निम्नलिखित महिलाओं को गांव में ही अतिरिक्त अध्ययन का लत साधन प्राप्त हुआ है।राज्यपाल श्री रामेन डेका ने आज दुगली ग्राम स्थापना वनधन विकास केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एलोवेरा द्वारा बनाई जा रही डॉयचेप की एवं डेमोक्रेटिक रिकवरी प्रक्रिया को करीब से देखा और अपने डॉक्टर की भूमिका निभाई। गवर्नर ने लैपटॉप द्वारा अन्य लैपटॉप का भी प्रस्ताव तैयार किया।मुख्य संरक्षक श्रीमती सातोविशा समाजदार ने राज्यपाल श्री डेका को एलोवेरा जेल निर्माण, तिखुर गोवा एवं दोना-पट्टल निर्माण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। इस अवसर पर सचिव गवर्नर श्री सी.आर.प्रसन्ना, रजिस्ट्रार श्री अविनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  सूरज सिंह परिहार, वनमंडल अधिकारी  कृष्णा, सीतानदी उदंती अभयारण्‍य के वनमंडल अध्यक्ष  वरुण जैन, प्रबंध निदेशक राज्य लघु वनोपज संघ  अनिल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  भंडारी सारवा आदि उपस्थित रहे।राज्यपाल ने केन्द्र परिसर में एलोवेरा और तिखुर की खेती का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कमर जनजाति के समाज प्रमुख, पर्यटन समिति के सदस्य और लखपति दीदियों से राज्यपाल ने आत्मीय संवाद किया। लखपति दासी देवकुमारी साहू ने गवर्नर को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर सेंट्रिंग और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का काम करते हैं, जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार और स्थाई ठिकाना मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सुधार हुआ है और अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दिला पा रहे हैं।इको-टूरिज्म समिति के सदस्य  माधव सिंह मरकाम ने गवर्नर को बताया कि जब्रा की प्राकृतिक प्रकृति का चित्रण करने के लिए समिति के संगीतज्ञों की नियुक्ति की गई है, जिससे देश-विदेश के आकर्षण यहां आकर्षित हो रहे हैं। समिति के माध्यम से गांव में ही रोजगार प्राप्त हुआ है और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।इस पर नागरी विकासखंड के लीफ कलाकार  विकास शांडिल्य ने पीपल के पत्ते पर उकेरी को शेर की जॉब का अवसर उपप्रधान गवर्नर श्री डेका को दिया। गवर्नर ने अपनी कला की प्रशंसा करते हुए शिखरों के निर्माण में लगने वाले समय और उनकी कीमत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विकास को और भी व्यावसायिक पत्तियाँ तैयार करने की अनुमति दी और अपनी कृतियों को साझा करने की इच्छा भी व्यक्त की।गवर्नर श्री डेका ने महिला स्व-लैंगिकता समुदाय की दीदियों के साथ आत्मीयतापूर्ण संवाद करने के लिए कार्यकलापों के प्रबंधकों और उनके साथ स्मृति स्वरूप छायाचित्र का दौरा किया। धमतरी जिले में यह पर्यटन ग्रामीण उत्पाद, मजबूत1मजबूत और वन फार्मूले के सतत उपयोग की दिशा के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित हुआ है।