गंगरेल और सोंदूर से लाखों क्यूसेक पानी निकाला गया।

 प्रशासन ने सुरक्षा बल, वर्चुअल और आतिशबाजी से सावधानी की अपील की।

धमतरी – धमतरी जिले के प्रमुख बाएं भाग – यूएसएसआर सागर बांध (गंगरेल), मुरूमसिल्ली तट, न्यू रूद्री बैराज तथा सोंदूर तट – वर्तमान में पूर्ण भराव की स्थिति में हैं। दो दिनों में लगातार हुई बारिश के कारण झीलों में भारी पानी की आवक हुई है, जिससे जल विभाग के नियंत्रित मात्रा में पानी खत्म हो रहा है।कार्यपालन आर्किटेक्ट ने बताया कि यूनिवर्सल सागर बांध (गंगरेल) में रात के दौरान भारी वर्षा हुई, जिसके परिणामस्वरूप 27,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। संपूर्ण भराव स्तर पर पहुंच का भुगतान किया गया है और रात में नदी में 27,000 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा था। अब समाचार लिखे जाने तक 14000, क्यूसेक पानी छूट रहा है। जिसे माइक्रोस्कोप के अनुसार और स्केल भी देखा जा सकता है। इसी प्रकार सोंदूर फोरम से भी 6,000 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। नदी-नालों में पानी की ग्रोथ तेजी से बढ़ रही है।इन रेनॉल्ड्स में बचे हुए स्थानों और नदी पर ज्वालामुखी की भीड़ एक साथ हो रही है और फ़्लोरिडा की जनसंख्या को देखते हुए एकजुटता और जनहानी की संभावना बनी हुई है। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रमुख तटीय स्थलों पर दो-दो सुरक्षा बल तैनात किये जा रहे हैं। इससे न केवल बाधा और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में आपातकालीन नियंत्रण और सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने जिलेवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी तट के किनारे से न आएं और उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, सहायक जन सहयोग भी जरूरी हैउन्होंने विशेष रूप से नदी किनारे बसे ग्रामवासियों को सचेत करते हुए कहा कि वे रुकें, बच्चों को सलाह दें और नालों के किनारे न जाएं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है और परिस्थिति के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने जनता से यह भी कहा है कि प्राकृतिक आपदाओं जैसी आपदा की स्थिति में गंभीरता बनाए रखें और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। सभी नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।