
संभाग प्रमुख
मोहम्मद इकरार अहमद।
अंबिकापुर/बैकुंठपुर – कोरोनावायरस संक्रमण जैसी ख़तरनाक जानलेवा बीमारी से छुटकारा पाना मुश्किल से अब आसान हो चला है। पूरी दुनिया की साइंस इस वैश्विक महामारी से निजात दिलाने में सक्रिय है। इस तरह हमें अपनी सफलता के लिए एक दूसरे की मदद करने का सीख, स्वास्थ अमला के सदस्यों से लेनी चाहिए। व्यवस्था जैसी भी हो, संसाधन जो भी उपलब्ध हों उसी के सहारे इस अपदाकाल मे लगातार अपनी जान की परवाह किये बगैर स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला लोगों की जान बचाने की मुहिम में जुटा हुआ है। जब लगभग सभी लोग अपनी जान की परवाह करते हुए खुद को घरों में बंद कर अपनी एवम अपने परिवार की स्वास्थ्य चिंताओं में दिनरात चिंतातुर हैं उसी समय अपने एवम अपने परिवार की स्वास्थ्य चिंताओं के साथ स्वास्थ्य विभाग का अमला लगातार लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर उनके जीवन की रक्षा कर रहा है। संसाधनों की कमी हो या व्यवस्था को लेकर लगातार प्रश्न खड़े होते आ रहें हों वह उन्ही के सहारे लोगों की जान की सलामती का अपना कर्तव्य निभा रहा है। अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन कोरिया के वरिष्ठ पदाधिकारी राजेन्द्र सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अमले से सभी को प्रेरणा लेने की जरूरत वे लगातार हमारी आपकी स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति अपना कर्तव्य का समर्पण भावना के साथ निर्वहन कर रहें हैं, जबकि उन्हें भी अपने स्वयं एवम अपने परिवारजनों के संक्रमित होने का भय है फिर भी कर्तव्य दायित्व के प्रति उनका समर्पण भाव काबिले तारीफ है। लगातार व्यवस्थाओं एवम संसाधनों की कमी को लेकर कहने सुनने वाले आलोचकों की आलोचनाओं के बीच वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सकारात्मक भाव से काम कर रहें हैं। जबकि व्यवस्थाओं एवम संसाधनों की कमियों का एहसास वह भी सार्वजनिक कर अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर सकते हैं लेकिन उन्हें मालूम है उनकी मुहिम जो लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की है उसमें उनको इन्ही व्यवस्थाओं एवम संसाधनों से ही विजय पानी है। स्वास्थ्य विभाग का अमला अपने अभियान में सफल भी हो रहा है, लगातार लोगों को अपने उपचारात्मक प्रयासों से वह स्वास्थ्य लाभ प्रदान भी कर रहें हैं। आज इस संक्रमण के फैलाव को इन्हीं के मजबूत कंधों ने थामे रखा है और इनके लोगों के जीवन रक्षा अभियान के जज्बे के आगे निश्चित रूप से यह संक्रमण हारेगा और लोग फिर से सामान्य जीवन बिता सकेंगे। आइये हम सभी इनके समर्पण के साथ लगातार लोगों को सेवा प्रदान करते हुए लोगों के जीवन रक्षा अभियान में इनकी मदद करें। हम इन्हें प्रोत्साहित करें इनके लिए कुछ प्रेरणास्पद संदेश प्रेषित करें जिससे इनके जज्बे में उत्तरोत्तर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहे। हमारे प्रोत्साहन से इनका उत्साह बरकरार रह सके और यह लगातार अपने अभियान की सफलता में इसी उत्साह के साथ रत रह सकें।किसी भी विजय प्राप्ति के अभियान में उत्साह एवम प्रेरणा का बहोत बड़ा योगदान होता है, अन्य से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा भी किसी भी अभियान में सफलता के लिए जुटे व्यक्ति को उत्साहित रखते हुए उसे ऊर्जावान बनाने में मदद करती है इसलिए हमें भी केवल उत्साह उत्पन्न करने वाले संदेशो से अपने आपको जोड़े रखने की आवश्यकता एवम ऐसे ही संदेशो के वाहक बनने की जरूरत। हमें याद रखना होगा युद्ध मे लड़ने वाले सिपाही का जज्बा ही विजयश्री प्रदान करने वाला सबसे मजबूत उसका हथियार होता है,यदि हम किसी सिपाही को लगातार केवल यही बताकर मैदाने जंग में भेजते रहेंगे की उसका हथियार सामने वाले दुश्मन के हथियार से कमजोर है वह पराजित ही होता रहेगा। शत्रु पर विजय के लिए हमारा हथियार चाहे जो हो उसके साथ मजबूत हमारा जज्बा ही विजय गाथा लिखेगा।इसी तरह इंसानी उत्साह भी जीवन के प्रति बढ़ सकेगा जब सभी को यह पता होगा कि उनकी सुरक्षा में लड़ने वाला सिपाही मजबूत एवम अच्छे प्रभावशाली हथियारों से लड़ रहा है और वह शत्रु से हमे बचा ही लेगा मनुष्य निश्चिन्त होकर निडर रह सकेगा एवम प्रसन्नता से अपने क्षणिक तकलीफों में अधीर न होगा। आइये हम अपने स्वाथ्य सुरक्षा में रत सजग प्रहरियों को कृतज्ञता ज्ञापित करें, उन्हें उत्साहित बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी निभाये।हम घरों में रहकर भी आज संचार क्रांति के इस युग मे ऐसा कर सकते हैं केवल हमें अपने भय को किसी अन्य तक जाने से रोकना है, हम स्वयं अपनी मजबूती प्रदर्शित करते हुए औरों को भी मजबूत रहने की प्रेरणा दे सकते हैं। क्योंकि व्यक्ति हमेशा अपनी क्षमता का आंकलन दूसरे की क्षमता से तुलनात्मक रूप से करके ही आंकता है। जब उसे लगता है कि सभी खतरे में हैं वह भयभीत होता है,लेकिन जब वह देखता है बहोतो ने तो भय को ही परास्त कर दिया वह हिम्मती बन जाता है। इसलिए व्यवस्था को इस तरह भी हम बेहतर बना सकते हैं,जब स्वीकार्यता के साथ किसी कार्य को व्यक्ति करता है वह सफल होता है, स्वास्थ्य विभाग का अमला भी संसाधनों एवम व्यवस्थाओं की स्वीकार्यता के साथ अपनी मुहिम पर है और वह सफल हो भी रहा है।
