प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट ने कहा – नक्सली आदिवासियों एंव विकास के दुश्मन।

“नक्सलियों, बस्तर छोड़ो” आदिवासी अब शांति और विकास चाहते हैं, दहशत नहीं।

भाजपा सरकार की मंशा नक्सलवाद को खत्म कर विकास से करेंगे बस्तर की शांति।

ईश्वर सोनी बीजापुर

शिक्षादूतों की हत्या पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट ने सोमवार को प्रेस से बातचीत में नक्सलियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में नक्सलियों की जमीन खिसक चुकी है और जनता उनके खौफ से बाहर आ चुकी है।

वेंकट ने तल्ख अंदाज में कहा – “नक्सली शिक्षा और विकास के दुश्मन हैं। निर्दोष शिक्षादूतों की हत्या करके वे साबित कर रहे हैं कि वे बस्तर के बच्चों को पढ़ते-लिखते और आगे बढ़ते देखना नहीं चाहते। लेकिन अब जनता जाग चुकी है… उनकी हिंसा ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं।”

प्रदेश उपाध्यक्ष ने शिक्षादूत कल्लू ताती सहित सभी शहीद शिक्षादूतों की हत्या की कड़ी निंदा की और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की बर्बरता से सिर्फ उनकी हताशा झलक रही है।

*सबसे सख्त लहजे में प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट ने नक्सलियों को दो टूक चेतावनी दी –*

“अब बस्तर के आदिवासी शांति और विकास चाहते हैं इसलिये नक्सलियों… या तो बस्तर छोड़ दो , वरना जवानों के हाथों गोलियों से मारे जाओगे।”

जी. वेंकट ने कहा कि आखिर शिक्षादूतों की हत्या कर नक्सली क्या साबित करना चाहते हैं? सरकार लगातार ग्रामीण अंचलों में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुँचाने का कार्य कर रही है। लेकिन नक्सलियों को यह विकास मंजूर नहीं, वे चाहते हैं कि आदिवासी क्षेत्र अंधेरे में ही डूबा रहे।

उन्होंने कहा कि यह साफ दर्शाता है कि नक्सली न केवल शिक्षा, बल्कि विकास और मूलभूत सुविधाओं के भी घोर विरोधी हैं। जबकि अब बस्तर की जनता नक्सलियों के असली चेहरे को पहचान चुकी है और शांति व विकास की राह पर चलने का संकल्प ले चुकी है। यही कारण है कि अब नक्सलियों के लिए बस्तर में कोई स्थान शेष नहीं है।