किरंदुल – डी ए वी पब्लिक स्कूल किरंदुल में विद्यालय का 36 वां स्थापना दिवस समारोह विद्यालय में हवन पूजन के साथ हर्षोल्लास और गरिमामय में वातावरण में मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रविंद्र नारायण अधिशासी निदेशक – बी आई ओ एम किरंदुल कंपलेक्स , नंदिता नारायण अध्यक्ष प्रेरणा महिला समिति किरंदुल , के एल नागवेणी उपमहा प्रबंधक मानव संसाधन, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष के दीप प्रज्वलन के साथ हुआ । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जोन एफ की सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉक्टर श्रीमती चेतना शर्मा , एस के एम एस सचिव राजेश संधू , तनवीर जावेद उप महाप्रबंधक मानव संसाधन , शैलेंद्र सोनी सहायक महाप्रबंधक मानव संसाधन ,परियोजना विद्यालय के प्राचार्य सुनील दुबे,प्रकाश विद्यालय के प्राचार्य दिलीप मैथ्यू एवं अभिभावक गण उपस्थित थे । विद्यालय के प्राचार्य एस के श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं विद्यालय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया ।उन्होंने अपने उद्बोधन में विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी एवं सभी को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। नन्हें मुन्ने बच्चों के स्वागत नृत्य ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया । रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत नीति सिंह नृत्य शिक्षिका, अर्चना बघेल संगीत शिक्षिका , खुशबू नंदेश्वर, स्मिता सिकदर सुचित्रा पुष्टि ,रंजीता लकड़ा, छाया देवांगन एवं अन्य शिक्षकों के सहयोग एवं मार्गदर्शन से स्वागत गीत , समूह गीत, ,संबलपुरी नृत्य , शास्त्रीय नृत्य , छत्तीसगढ़ी नृत्य एवं शास्त्रीय संगीत के शानदार प्रदर्शन ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया । मुख्य अतिथि के द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024 _25 के मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया गया एवं विद्यालय में 25 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण करने पर शिक्षिका पी एस सीना को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृतिचिन्ह से सम्मानित किया गया ।उन्होंने अपने उद्बोधन में विद्यालय की अनुशासन शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की सेवानिवृत शिक्षक श्री प्रशांत राय के द्वारा प्रदत्त शारदा फाउंडेशन छात्रवृत्ति एवं सुवर्णा चाकी छात्रवृत्ति विद्यार्थियों को प्रदान की गई । उप महाप्रबंधक कार्मिक प्रमुख के एल नागवेणी ने छात्राओं को राज्यपाल पुरस्कार से पुरस्कृत किया एवं उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास केवल पुस्तकीय ज्ञान से ही नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों अनुशासन और चारित्रिक दृढ़ता से होता है ।डॉक्टर चेतना शर्मा ने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे परिश्रम ,ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपना कर सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करें ।डी ए वी गान के साथ विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक के पी सिन्हा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षिका रेखा सिंह के द्वारा किया गया।
