प्रदर्शनकरियों ने फासिस्ट तानाशाह महिला विरोधी भाजपा की डबल इंजन सरकार को जी भरकर कोसा।
रायपुर – 1सितंबर को अभनपुर जिला रायपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ की ओर से एक दिवसीय राज्य व्यापी हड़ताल के आह्वान के तहत आमसभा,जुलूस सह जंगी प्रदर्शन किया गया।प्रदर्शन के उपरांत एस डी एम अभनपुर को,छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और महिला बाल विकास मंत्री के नाम, अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच ने सौंपा।
आमसभा में साथी तुहिन (अखिल भारतीय संयोजक जाति उन्मूलन आंदोलन एवं क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच) ने जन गीत प्रस्तुत किया और अपनी बात रखी।प्रगतिशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की अध्यक्ष हेमा भारती ने आम सभा की अध्यक्षता की।प्रमुख वक्ताओं में उपाध्यक्ष रुक्मणी साहू,कोषाध्यक्ष लक्ष्मी कोसले,छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ से रुक्मणी साहू,मीना साहू,शकुंतला देवांगन,चित्ररेखा गोस्वामी,भाकपा( माले) रेड स्टार के राज्य सचिव कॉमरेड सौरा,जन संघर्ष मोर्चा छत्तीसगढ़ संयोजक कॉमरेड प्रसाद राव,भाकपा के राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड सोम गोस्वामी,आदिवासी भारत महासभा के राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड पदम नेताम ने आम सभा को संबोधित किया।अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन की राज्य कमिटी सदस्य दुर्गा यादव ने कार्यक्रम का संचालन किया और TUCI के राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड हेमंत टंडन ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में साथीगण- थानसिंह मानडे,मूलचंद साहू,लीला नारंग,अनिता चेलक,अनिता डहरिया,प्रमिला बंजारे,योगिता साहू,राधा टण्डन,राजेस्वरी सोनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।जंगी प्रदर्शन में रायपुर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओ ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
वक्ताओं ने दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने फासीवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS और उसके द्वारा संचालित राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी के हिंदुराष्ट्र और उसके वैचारिक आधार मनुवादी हिंदुत्व को बेनकाब किया।जो एक ओर तो “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है दूसरी ओर पहलवान बेटियों पर यौन उत्पीड़न करने वाले भाजपा के बाहुबली सांसद बृजभूषण सिंह और ढोंगी बाबाओं जैसे कि राम रहीम,आशाराम बापू सरीखे बलात्कारियों और हत्यारों को जेल से सम्मानजनक रूप से रिहा करवाती है या जेल भेजती ही नहीं है।संघ परिवार में शामिल भाजपा क्रूर मनुस्मृति आधारित हिंदुराष्ट्र चाहती है इसीलिए वो महिलाओं खासकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को अपना गुलाम बनाए रखना चाहती है।और आंगनबाड़ी केंद्र के कार्य के अलावा तमाम शासकीय कार्यों को करने के बावजूद भाजपा सरकार,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को शासकीय कर्मचारी का ओहदा और सम्मान प्रदान नहीं करती।असल में भाजपा की केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की विष्णुदेव साय सरकार दोनों न तो बेटियों को बचाना चाहती है और न ही उन्हें पढ़ाना।क्योंकि भाजपा सरकार एक ओर तो धड़ल्ले से सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है व आम जनता को खासकर लड़कियों को शिक्षा का अधिकार न मिले इसके लिए खुल्लम खुल्ला शिक्षा का निजीकरण/ व्यवसायीकरण और भगवाकरण कर रही है।तो दूसरी ओर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर नित नए भीषण काम का बोझ डाल कर और विरोध करने का संवैधानिक अधिकार उनसे छीन कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है।
राज्य सरकार को सौंपे ज्ञापन में संयुक्त मंच के जायज और लंम्बित मांगो के पूर्ति हेतु ध्यानाकर्षण करने पर संचालनालय से धमकी भरा पत्र और सेवा से बर्खास्त किये गये 6 यूनियन पदाधिकारियो और सदस्यो को सेवा मे तत्काल बहाल करने की मांग की गई।ज्ञापन में राज्य सरकार को यह भी अवगत करवाया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को जब काम के बदले दाम देने की बात की जाती तो मानसेवी बता दिया जाता है। केन्द्र और राज्य सरकार के अधीन होने की बात की जाती है। लेकिन जब छोटी मोटी गलती हो तो शासकीय कर्मचारियो से भी कठोर दण्ड अर्थात सेवा बर्खास्तगी या फिर मानदेय काट कर आर्थिक नाका बंदी की प्रताड़ना आम बात हो गई है।संयुक्त मंच ने सरकार से मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के खिलाफ शासन द्वारा की जा रही दमनात्मक कार्यवाही जैसे कि नौकरी से निकालने या पैसा काट लेने का धमकी भरा पत्र,उनसे भविष्य में हड़ताल प्रदर्शन में भाग न लेने से संबंधित हलफनामा या माफीनामा भरवाने जैसे कदम वापस लिए जाएं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी शासकीय कर्मचारी का दर्जा और सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।जब तक शासकीय कर्मचारी का दर्जा न मिले तब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को न्यूनतम वेतन 26000 रुपए और सहायिका को 21100 रुपए प्रदान किया जाए।इसके अलावा मंहगाई भत्ता,पेंशन ,ग्रेच्युटी, कैशलैस स्वास्थ्य योजना,समूह बीमा और डिजिटल कार्य हेतु मोबाइल या टैबलेट प्रदान किया जाए।स्थान रिक्त होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रोन्नत कर सुपरवाइजर और सहायिका को कार्यकर्ता के पद पर प्रोन्नत किया जावे।उपरोक्त मांगों के पूरा न होने पर भाजपा सरकार की वायदा खिलाफी के खिलाफ संयुक्त मंच द्वारा राज्य व्यापी लड़ाकू संघर्ष छेड़ने की चेतावनी भी दी गई।
हेमा भारती
अध्यक्ष
प्रगतिशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ
