जिले में पर्यटन के जंगल, कांकेर जिले के नए पर्यटन केंद्र विशेष रूप से विकसित हो रहे हैं ‘धारपूर्म’

मनमोहक घाटी में व्यू प्वाइंट, प्राकृतिक झरना और गुफाएं भी मौजूद हैं.

कांकेर –  जिले में पर्यटन क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य और नैसर्गिक सुंदरता से भरपूर जंगल हैं। यहां ऐसे कई स्थान हैं, जो सैलानियों को अपनी ओर से अनायास ही आकर्षित कर सकते हैं या उनकी पहली प्राथमिकता हो सकती है। जिले के जंगलों और जंगलों में कई ऐसी जगहें हैं, जो दुर्गम या रीच विस्कोस होने के कारण अब तक आम लोगों की पहुंच से दूर हैं। हाल ही में जिले में एक ऐसा ही स्थान का प्रभुत्व है, जो नैसर्गिक और प्राकृतिक सुंदरता की प्रचुरता है। पहाड़ की चट्टानों पर दूर-दूर तक की तस्वीरें और खूबसूरत चट्टानें धरती पर स्वर्ग का एहसास दिलाती हैं। इस प्राकृतिक घाटी का नाम है- धारपारूम। कांकेर विकासखंड में ग्राम प्रधानपाल के सीमांत स्थित इस क्षेत्र को पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है।

जिले के रजिस्ट्रार  नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के सीईओ  हरेश मंडावी ने आज इस उभरते नये पर्यटन केंद्र से ‘धारपूर्म’ क्षेत्र का दौरा किया। धारपारूम कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत पीपल के नीचे एक हिल स्टेशन के रूप में विकसित हो रहा है, जिसके चारों ओर से घिरे मनमोहक दृश्यों से एक खाईनुमा संरचना बनी हुई है, जहां मनमोहक व्यू पॉइंट के अलावा प्राकृतिक झरना और गुफा भी है। इस क्षेत्र का पुरातात्विक भ्रमण करते हुए पाया गया कि यहां पर पुरातात्विक शैलचित्र भी अंकित है। बताया गया है कि वर्तमान में ग्लोबल मैनेजमेंट के तहत वर्कशॉप साइट्स का ऑपरेशन जारी है और अब यहां पर लगातार बड़ी संख्या में सैलानियों की रिलीज शुरू हो गई है। कलेक्टर ने पूरे क्षेत्र के लिए कहा कि इसे नवीन पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए भी संस्थागत सहायता की आवश्यकता होगी, वह पूर्ण की जाएगी। इस दौरान रिसर्चर ने यूनेस्को से चर्चा कर धारपूरूम क्षेत्र की पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले उक्त क्षेत्र का भ्रमण कर कैटिपाय मीडिया ने भी कुछ दिन पहले इसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में साझा की थी, जिसके बाद पर्यटक स्थल इस स्थल को देखने के लिए रोजाना पहुंच रहे हैं। सैलानियों के द्वारा यह भी माना जा रहा है कि केशकाल के तटरी से भी बड़ा हिल प्लेस पर धारपूर्म को विकसित किया जा सकता है।