अंतरिक्ष प्रदर्शन सड़क यात्रा के अंतरिक्ष रथ को महामहिम रामू रोहरा ने हरी हरियाली दिखाई।
जिले के 45 स्कूलों तक पहुंचेगा अंतरिक्ष ज्ञान रथ।
धमतरी – अंतरिक्ष में विज्ञान रुचि रखने वाले बच्चों के लिए आज का दिन विशेष। धमतरी के पी एम श्री एम.आर.डी. आज अंतरिक्ष रथ में आयोजित कार्यक्रम में मेयर रामू रोहरा एवं कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अंतरिक्ष रथ यात्रा निकाली। यह रथ आगामी 15 दिनों तक जिले के 45वीं कक्षा की यात्रा और छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित गैजेटगा।यह अवसर एम.आर.डी. इवोल्यूशनरी एसोसिएशन में स्पेस इकोलैबिशन रोड ट्रिप का आयोजन किया गया। इसमें रॉकेट एवं सैटेलाइट मॉडल, नेचुरल रियलिटी (वीआर) उपकरण सहित कई वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही मंगलयान, चंद्रयान एवं गगनयान मिशनों की प्रेरणादायक यात्रा को प्रस्तुत कर छात्रों को अपने सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।महामहिम रामू रोहरा ने कहा कि “हम आधुनिक युग में जी रहे हैं। आज भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्रगति की है। चंद्रयान द्वारा दक्षिण ध्रुव तक पहुंचना हम व्यक्तिगत गौरव का विषय है। हमारा प्रयास है कि जिले के बच्चे भी इस उपलब्धि से प्रेरित होकर विज्ञान और अंतरिक्ष की ओर आकर्षित हों। यदि आज के युवा आधुनिक युग से जुड़ेंगे तो भविष्य की दौड़ में पीछे रह जाएंगे।शोधकर्ता अविनाश मिश्रा ने कहा कि “अंतरिक्ष विज्ञान केवल संघ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हर छात्र की जिज्ञासा को पंख देता है। आने वाले समय में उनके विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास का सबसे बड़ा आधार होगा। अंतरिक्ष रथ के माध्यम से बच्चों को नई सोच और नई ऊर्जा में प्रयोगात्मक शिक्षा प्रदान की जा रही है।”मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती रोमासाग्र्रि ने अपने उद्बोधन में कहा कि “यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए समान रूप से सिद्ध होगा। जब भी बच्चे अपने आस-पास के अंतरिक्ष उपकरणों और प्रौद्योगिकी को देखेंगे तो निश्चित रूप से उनकी वैज्ञानिक दृष्टि और आगे का दृष्टिकोण होगा। हमारा लक्ष्य है कि जिले से भी समय पर वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री आएं।”कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रदर्शनी का अनुगमन किया और अंतरिक्ष से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अंतरिक्ष की ओर से प्रेरित करना और उन्हें चरणबद्ध तरीकों से आगे भविष्य में इसरो जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों तक पहुंचाना है।ड्रिम्स ऑफ यंग साइंस प्रोग्राम फाउंडेशन के श्रीनिवास कुमार, आनंद नागेश सैटेलाइट इंजीनियर, राजेंद्र सिन्हा (सीएसी), शिवसिंह भदोरिया (एक्सक्यूटिव को कार्डिनेटर) जिला शिक्षा अधिकारी अभय मठाधीश, देवेश सूर्य राजवंश (एडीपीओ), एन के भगत एपीसी, इंस्टीट्यूशनल हाउस ऑफ यंग साइंस प्रोग्राम के श्रीकांत कुमार रिचायर, राजेंद्र सिन्हा (सीएसी), विश्विद्यालय के टीचर्स सहित सभी प्रमुख वैज्ञानिक शामिल थे।
