आयुष विभाग, बालवाड़ी एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से बच्चों को मिलेगा लाभः डॉक्टर श्री मिश्रा’
बच्चों के पोषण संबंधी सवालों पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है
धमतरी – जिले में कच्चे माल की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने जिला मुख्यालय स्थित भंडारी आयुष पॉलीक्लिनिक में स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुपोषण पाठ्यक्रम का निरीक्षण किया गया।
विकासखंड कुरूद के अंतर्गत 230 गंभीर कुपोषित बच्चों को आयुष विभाग द्वारा स्वर्णप्राशन, सुपोषण मोदक का सेवन कराया गया। यह कार्यक्रम आयुष विभाग, आयुर्वेदिक विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से संचालित किया गया। बच्चों को नियमित रूप से माह में दो बार आयुष मेडिकल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण की भी सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों को स्वस्थ और सुपोषित बनाने के लिए सबसे पहले यह बेहद जरूरी है। उन्होंने इस कार्य को नामांकित एवं प्रदान के साथ संचालित करने के लिए बल दिया। साथ ही उन्होंने जिला आयुष अधिकारी डाॅ. अवध पचौरी ने निर्देशित किया कि इस कार्यक्रम को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए सतत पर्यवेक्षण मूल्यांकन आकलन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
श्री मिश्रा ने कहा कि पोषण मुक्त धमतरी बनाने की दिशा में आयुष विभाग, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त भूमिका अहम है। उन्होंने बच्चों के पोषण संबंधी सवालों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया
उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को औषधीय गुणों से युक्त सुपोषण औषधियां दी जाती हैं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहन मिलता है।
