*टिकाकरण को लेकर बढी जागरूकता प्राकृतिक वन संपदा व शुद्ध वातावरण के चलते कोरोना को दे रहे मात रिसगाव क्षेत्र वासी*
*○○ मो रिजवान मेमन/अनीश सोलंकी की खास रिपोर्ट ○○*
नगरी :- प्राकृतिक वन संपदा व शुद्ध वातावरण का लाभ अतिसंवेदनशील क्षेत्र रिसगाव के लोगो को संजीवनी साबित हो रहा आज पूरा देश कोरोना महमारी से जूझ रहा वही यहा के निवासी आज रिसगाव मे पदस्थ डा के गाईडलालईन का पालन कर व टीकाकरण मे बढचढकर हिस्सा ले रहे जिसके चलते यह क्षेत्र आज कोरोना से अछूता है
उल्लेखनीय है की अति नक्सल क्षेत्र के नाम से मशहूर सितानदी उदन्ती अभ्यारण्य के रिसगाव, आमाबहार, जोरातरई, करही, गादुलबहारा, मासूलकोई, उजरावन, मादागिरी, करखा, क्षेत्र आज प्राकृतिक चीजो से परिपूर्ण है जहा आज भी जाने से मन मे अलग ही सुकून मिलता है व इस क्षेत्र के ग्रामीण आज जंगलो मे उपज कंदमूल का भी सेवन करते है जिसी के चलते यहा के बसे ग्रामीणो मे इम्यूनिटी पावर भी अच्छी है व प्रदूषण नियंत्रण मे है जो आज इस क्षेत्र के लिये संजीवनी साबित हुई रिसगाव हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के आर एम ए डा दुर्गेश साहू ने बताया की यहा आज आम लोगो को कोरोना से गाईडलालईन का गाव गाव मे घर घर जा कर जानकारी दे रहे व खान पान की नियमित जानकारी भी दे रहे हाथो को धोना एक दूसरे से दूरी बनाकर कर रहने व जिसको सर्दी खासी व बुखार का लक्षण दिखाई दे रहा है उसे दवाई दे कर कोरोना टेस्ट भी करवाया जा रहा अब तक लगभग 70 लोगो का जाच करवा चुके सभी का रिपोर्ट भी निगेटिव आया है साथ ही टीकाकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा जनपद सी ओ पी आर साहू ने बताया की ग्राम पंचायत करही मे टीकाकरण के लिये शिविर लगाया गया जहा सतप्रतिशत लोगो ने बढचढ कर हिस्सा लिया जो वाकई इस।क्षेत्र के लिये सराहनीय है
ग्रामीण रेवा देवदास ,लच्छू यादव ,चमन प्रजापति ने बताया की यह।क्षेत्र मे उडीसा के लोगो का ज्यादा आना जाना रहता है व नगरी क्षेत्र के सब्जी विक्रेता समेत अन्य लोगो का भी आवागमण ज्यादा बढ।गया था और कोरोना का सेकन्ड स्ट्रेन काफी डरावने आकडे बताने लगे जिसी के चलती बाहरी लोगो का यहा आने पर रोक लगा दिया गया है ताकी यह क्षेत्र सुरक्षित रहे
○विकास से काफी दूर ○ आवागमण का कोई साधन नही
ग्रामीणो की माने तो यह क्षेत्र विकास के मामले मे आज 20 वर्ष पिछे चल रहा है यहा न तो पक्की सडके है न ही नदियो मे पूल बना है अगर कीसी की अचानक तबियत खराब हो जाये तो समय पर 108 भी नही पहुच पाती
○ स्वास्थ्य सेवा का भी बुरा हाल ○
दो ग्राम पंचायत की अबादी जनसंख्या लगभग चाढे चार हजार है जहे स्वास्थ्य विभाग का हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर रिसगाव मे संचालित हो रहा जो सिर्फ एक आर एम ए के सहारे टिकी हुई है यहा कोई महिला कर्मचारी की नियुक्ती नही ऐसे मे गर्भवती महिलाओ को चेकअप व प्रसव के लिये भारी परेशानियो का सामना करना पडता है ग्रामीणो द्वारा कई बार महिला कर्मचारी की माग की जा चुकी मगर नियुक्ती नही करना समझ के परे
एक जानकारी के अनुसार पाच साल पहले एक एन एम यहा से व्यवस्था के चलते मगरलोड ब्लाक भेज दिया गया मगर आज पाच साल हो गये उसे वापस नही लाया गया जो की नियुक्त रिसगाव मे है और ड्यूटी कही और कर रही ग्रामीणो का कहना है की अधिकारी के मनमर्जी का यह सिला है वो नही चाहते वनाचल की महिलाओ को उचित लाभ मिले
