चिरमिरी दृष्टिहीन दिव्यांग कल्याण समिति ने 14 वर्षीय लक्ष्मी को गायन केलिए आमंत्रित किया।
नगरी/राजशेखर नायर – दिव्यांगता को एक कमजोरी के बजाय, एक शक्ति के रूप में देखना होगा, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है की दिव्यांगता का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति कमजोर है, वास्तव में कई दिव्यांग व्यक्ति अपने चुनौतियों का सामना करने के बाद अधिक मजबूत और लचीले बनते हैं ऐसा ही उदाहरण नगरी विकासखंड के ग्राम उमरगांव निवासी,14 वर्षीय जन्मांध बालिका लक्ष्मी कुलदीप की है, कुमारी लक्ष्मी कुलदीप के पिता चंद्रभान भी जन्मांध हैं और पंडवानी गायन के कलाकार हैं.
कुमारी लक्ष्मी कुलदीप कक्षा 9वीं की पढ़ाई, एग्जैक्ट फाउंडेशन रुद्री छात्रावास में रहकर कर रही है. लक्ष्मी के गायन प्रतिभा से प्रभावित होकर मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, जिला भरतपुर स्थित, मां दुर्गा दृष्टिहीन दिव्यांग कल्याण समिति ने उन्हें अपनी संस्था में रहकर आगे की शिक्षा और संगीत की शिक्षा ग्रहण करने आमंत्रित किया है. बता दे कि यह समिति प्रदेश भर में, दिव्यांगों द्वारा संगीत कार्यक्रम प्रस्तुति देने के लिए मशहूर है, इनके कई संगीत शो यूट्यूब में भी देखे जा सकते हैं.
कुमारी लक्ष्मी कुलदीप के पिता चंद्रभान ने चर्चा में बताया की दृष्टिहीन दिव्यांग कल्याण समिति द्वारा जब उनकी पुत्री को आमंत्रित किया गया, तो उनके सामने चिरमिरी तक पहुंचाने के लिए पैसे की कमी एक समस्या बन गई, तब उन्होंने नगर के समाजसेवी सन्नी छाजेड़ से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई, सन्नी छाजेड़ ने चिरमिरी आने-जाने के लिए लक्ष्मी कुलदीप की आर्थिक मदद की.
फोन पर चर्चा करने पर मां दुर्गा दृष्टिहीन दिव्यांग कल्याण समिति चिरमिरी के अध्यक्ष गोपाल शोर, जो नेत्र से दिव्यांग है ने बताया की उनकी समिति में वर्तमान में 12 दिव्यांग बच्चों अध्ययन करते हैं, इन बच्चों को संगीत की शिक्षा निशुल्क दी जाती है और बुलाए जाने पर दिव्यांग बच्चों द्वारा आर्केस्ट्रा का प्रदर्शन किया जाता है. जिसमें वाद्य यंत्र संचालन एवं गायन दिव्यांगों के द्वारा किया जाता है. आर्केस्ट्रा के माध्यम से दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा लोगों के सामने प्रदर्शित होती है.
फोट DHA… 110836-कैप्शन 1 सन्नी छाजेड़- कु. लक्ष्मी के पिता चंद्रभान कुलदीप ने बताया कि उनके पुत्री को गायन हेतु चिरमिरी स्थित मां दुर्गा दृष्टिहीन दिव्यांग कल्याण समिति से आमंत्रण मिला है और चिरमिरी आने-जाने हेतु आर्थिक सहायता मांगा.
दिव्यांग लक्ष्मी कुलदीप एक अच्छी गायक है.
लक्ष्मी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, मैंने उनको आर्थिक मदद की , इसके पूर्व चंद्रभान कुलदीप जो की पंडवानी गायक है, उन्हें भी तबला आदि भेंट की थी.
फोटो DHA..3817.. कैप्शन 2- दिव्यांग गायिका 14 वर्षीय लक्ष्मी कुलदीप अपनी माता मान बाई और पिता चंद्रभान के साथ
