बारिश में तिरपाल ढककर मृतक को देनी पड़ती हैं अंतिम विदाई ।
चुनाव के समय सभी प्रत्याशियों के घोषणा पत्र में होता है मुक्तिधाम का मुद्दा ।
किरंदुल – छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे अमीर नगर पालिकाओं में शुमार किरंदुल नगर पालिका परिषद का अपनी स्थापना के समय से ही विवादित समाचारों के लिए प्रिंट मीडिया के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की हेडलाइन बनती रही है । ऐसे ही एक ताजे मामले को लेकर किरंदुल नगर पालिका परिषद विगत सप्ताह भर से अखबारों की हेड लाइन में बनी हुई है ।उल्लेखनीय हैं कि किरंदुल नगर और बचेली नगर के लिए दोनों शहरों के बीच एक ही मुक्तिधाम है । जिसका हाल किसी से भी छुपा हुआ नहीं है ।किरंदुल नगर पालिका परिषद की स्थापना के समय से लेकर आज वर्तमान समय तक किरंदुल पालिका परिषद में जिस प्रतिनिधि ने बतौर अध्यक्ष पद पर राज किया उन सबके घोषणा पत्र में एक मुद्दा मुक्तिधाम को सुसज्जित करने के साथ साथ विद्युत शवदाह गृह का निर्माण भी उल्लेखित जरूर होता था ।परंतु विडंबना और हकीकत यह है कि उक्त मुक्तिधाम में बने शेड की सीटें ही नहीं है बरसात के दिनों में लोगो को अपने परिजनों को अंतिम विदाई देने के लिए तिरपाल या छाते का सहारा लेकर की मृतक के शव को अग्नि दे कर अंतिम संस्कार करना पड़ता है । विदित हो कि किरंदुल में विगत कई दिनों में जारी मूसलाधार बारिश के दौरान मृतकों के शव दहन के समय मुक्तिधाम बने शेड के ऊपर की टिन नहीं होने के कारण परिजनों को तिरपाल का या छाते का सहारा लेकर मृतक के शव को अग्नि देनी पड़ती हैं साथ ही गंदगी का आलम तो बयां भी नहीं किया जा सकता है ।बारिश में मुक्तिधाम की समस्या को लेकर विगत सप्ताह भर से किरंदुल पालिका समाचारों की नेगेटिव हेड लाइन बनी हुई थी ।साथ ही जनता जनार्दन की नाराजगी को देखते हुए शनिवार को पालिका प्रशासन ने मुक्तिधाम की सफाई तो करवा दी परंतु देखने लायक बात यह होगी कि मुक्तिधाम की अगली सफाई पालिका प्रशासन कब करवाएगी ।
