चिरायु योजना से सृष्टि को मिला नया जीवन।

अस्पताल में बच्ची की असामान्य विकृति का सफल ऑपरेशन हुआ।

कांकेर – केंद्र सरकार की चिरायु योजना राज्य के बच्चों के लिए वैभवशाली हो रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित इस योजना के माध्यम से जिले के कई बच्चों को शामिल किया गया है। यह बीमारी बीमारी को माता देने वाली योजना है। जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम हिमोदा निवासी श्री दर्शनार्थी एवं गणेश्वरी पोया की एक माह की बेटी सृजन पोया की नियुक्ति सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र अंतागढ़ में 06 जून 2025 को हुआ। जन्म के बाद ही बच्ची के कमर के ऊपर एक लिखानुमा रचना थी, जिसे देखकर उसके परिवार की मौत हो गई। विकृति विज्ञान से ग्रसित बच्ची (सृष्टि) के जन्म से ही रेडियोन्यूज़ कंपोजीशन को देखें आईएसओ हेल्थ सेंटर अंतागढ़ के शिशु एवं स्टाफ के सदस्यों एवं स्टाफ के सदस्यों को चिरायु टीम द्वारा प्रदर्शित किया गया। जिससे न्यूरल ट्यूब इलेक्ट्रॉनिक्स बीमारी की पहचान की जा सके।स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनके रिश्तेदारों को भरोसेमंद डॉक्टर के रूप में पहचाना गया और कहा गया कि उनका इलाज संभव है। चिरायु टीम द्वारा इसे उच्च संस्थान दाऊ कल्याण सिंह हॉस्पिटल (डी.के.एस.) रायपुर में 12 जून को भर्ती किया गया। सामाजिक स्वास्थ्य केंद्र अंतागढ़ एवं चिरायु टीम द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी ऑपरेशन विशेषज्ञ फार्मासिस्ट द्वारा किया गया। वर्तमान में मौजूद बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है। ऑपरेशन के बाद बच्चे का नियमित फॉलोअप किया जा रहा है, सर्जरी के बाद बच्ची (सृष्टि पोया) को एक नई जिंदगी मिल गई और उसके माता-पिता के चेहरे पर संकटा की जगह अब मुस्कान ने ले ली है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस.आई. ठाकुर ने बताया कि समय पर बीमार बीमारी की पहचान और रेफर करने से जीवन रक्षा हो सकती है और सरकार की स्वास्थ्य योजना प्रधानमंत्री जनरोग्य योजना (पीएमजेवाई) और अन्य ग्रामीण बच्चों के लिए जीवन रक्षा साबित हो रही है। बालिका सृष्टि पोया को अब किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान आई और उन्होंने डॉ. बी.के. रामटेके, चिरायु टीम की टीम को सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।