सचिव संयुक्त श्रीमती स्वाति शर्मा ने बिहान की छतरी का निरीक्षण किया।

धमतरी – भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा आज कुरुद विकासखंड के ग्राम चर्रा उपमंडल। जहां उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित प्रदर्शनी पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके कार्य के निदेशक की बिहान योजना बनाई। इस अवसर पर रजिस्ट्रार  अविनाश मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती रोमासाग्र्रिव के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समूह की महिला श्रीमती अनु चंद्राकर ने बताया कि वह महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएं हैं और उनके साथ ही पशुपालन, सिया, इलेक्ट्रीशियन, कृषि और घरेलू कार्य से जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी प्रतिमूर्ति लगभग 10-12 हजार रुपये की आय प्राप्त होती है। संयुक्त सचिव ने इस प्रयास को एक अद्भुत और प्रेरणादायक प्रयोग बताया।इसके बाद श्रीमती शर्मा नारी ग्राम समूह की महिलाओं द्वारा प्रशिक्षण, तौलिया, बैग आदि का प्रशिक्षण दिया गया। समूह की महिलाओं ने बताया कि वे सादरी जिले में लोगो और गैंगरेल के डिजाइन को शामिल कर विशेष पहचान का प्रयास कर रही हैं। इस पर श्रीमती शर्मा ने प्रोटोटाइप को सही बाजार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए, जिससे डायरेक्ट सेल के माध्यम से महिलाओं को अधिक लाभ हो सके। उन्होंने कलस्टर निर्माण कर बुनेकर महिलाओं को बड़े पैमाने पर काम करने, जैम स्तर और बड़े सरकारी उद्यमों से जोड़ने की नींव पर भी जोर दिया। इस दौरान श्रीमती शर्मा ने खिड़की निर्माण, बांस उत्पाद, मिट्टी के बर्तन आदि बनाने वाली महिलाओं से भी चर्चा की। उन्होंने कच्चे माल की मसाले, वैशिष्ट्य बाजार और आय की जानकारी ली और सुझाव दिया कि इन महिलाओं को 15-15 दिनों के विशेष प्रशिक्षण के लिए नीचे दिया गया है, ताकि वे बाजार की मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर सकें। भारती भंडारी से उन्होंने आचार निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी ली और थिप मार्क लेने के निर्देश दिए, ताकि उत्पाद की गुणवत्ता प्रमाणित हो सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने मसाला, साबुन, बड़ी, पापड़ आदि के निर्माण में लगी महिलाओं से भी चर्चा कर उनके कार्यों और कार्यप्रणाली को समझाया। संयुक्त सचिव श्रीमती शर्मा ने समूह की महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने के लिए और अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक महिलाओं को बिहान योजना और आपराधिक कृत्य से जोड़ा जाए, जिससे बल उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।