विश्व रेबीज दिवस 28 सितंबर को विशेष अभियान की शुरूआत
कोंडागांव – विश्व रेबीज दिवस 28 कोंडागांव में पशु चिकित्सा विभाग प्राथमिक एवं उच्च विद्यालय नवागांव द्वारा, मरापाल में छात्रों के बीच एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को रेबीज़ रोग, कुत्ते के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार, पॉलिथीन प्रदूषण एवं बच्चे में बचपन की याद दिलाना था। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. एम.बी. सिंह, उपसंचालक, पशु चिकित्सा सैलून, कोंडागांव के निर्देश दिए गए।रेबीज रोग पर विस्तृत जानकारी पशु चिकित्सक चिकित्सक डॉ. ढालेश्वरी ने बच्चों को रेबीज रोग के बारे में बताया, मानव एवं पशु दोनों संदर्भों में गहराई से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेबीज एक जनित वायरस जनित रोग है जो कुत्ते, बिल्ली या जंगली जानवर के टुकड़े से काटता है। बच्चों को यह भी बताया गया कि अगर किसी को कुत्ता काट ले तो घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोकर, बिना बीमारी के पास के स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज टीका लगाना चाहिए। साथ ही दस्तावेजों का समय-समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।पॉलिथीन प्रदूषण पर जागरूकता प्रभारी, मोबाइल वेट्रिनरी यूनिट डॉ. दीपिका सिदार ने छात्रों को बताया कि पॉलीथीन स्कालर को मौत का खतरा पैदा हो गया है। चॉकलेट के टुकड़े में पॉलीथिन को खा जाते हैं, जिससे उनके चॉकलेट में प्लास्टिक के टुकड़े, अपच, संक्रमण एवं मृत्यु तक की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने बच्चों को अपने परिवेश को पॉलीथिन मुक्त रखने और इसके जैविक विकल्प के निषेध के लिए प्रेरित किया।डायरेक्शन डायरेक्शन वेट्रिनरी ऑर्थोडॉक्स सर्जन, प्रभारी पशु चिकित्सक मार्शल डॉ. कोरम ने छात्रों को पशु चिकित्सा विज्ञान में यात्रा के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ज़ाम्बत, डेनमार्क, पशु चिकित्सा विज्ञान, मछली उद्योग आदि क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं के लिए रोज़गार और सान्निध्य के व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने एक मजबूत साधन के रूप में आत्मनिर्भरता की दिशा बताई।पशु चिकित्सा सेवा उपसंचालक डॉ. रिबीज सिंह ने बताया कि 28 सितंबर को कोंडागांव जिले में विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर मुफ्त वैक्सीन में एंटी रेबीज टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी ऑटोमोबाइल मशीनरी को वैक्सीन दी जाएगी ताकि जिले को रेबीज फ्री बनाया जा सके।कार्यक्रम में विद्यालय के खेल, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ एवं डिविजनल दल के सदस्य – डॉ. चांदना (पशु चिकित्सक, एमवीयू) एवं श्री खेमराज (एवीएफओ, एमवीयू) भी उपस्थित रहें। स्कूल के चिकित्सक श्री उत्तम टोप्पो ने बच्चों को ज्ञान अभ्यास और जीवनोपयोगी के लिए इस आयोजन के संचालक और इस प्रकार के पाठ्यक्रम के बारे में बताया।यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल किसानों के स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर था, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वच्छता से भी महत्वपूर्ण कदम था।सहयोगी विभाग द्वारा सभी नागरिकों को यह सुझाव दिया गया है कि 28 सितंबर को अपने घर में अपने पालतू जानवरों के लिए निःशुल्क रेबीज़ कमेंट्री शामिल करें और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
