गुमनाम बनाम खंडहर शौचालय – इंसान क्या भूत प्रेतों को भी मूत्रालय जाने में लगेगा डर ।

 किरंदुल पालिका की उदासीनता से खंडहर हो गया शौचालय ।

 मामला किरंदुल पालिका के वार्ड नं 16 गांधी नगर के शौचालय का ।

 केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखलाता शौचालय ।

किरंदुल – छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे अमीर नगर पालिकाओं में सुमार किरंदुल नगर पालिका परिषद का रिश्ता हमेशा से ही विवादों से जुड़ा रहा है ।किरंदुल नगर पालिका परिषद के विवादित समाचार हमेशा से ही प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों की सुर्खियों में अकसर पाए जाते हैं । फिलहाल नए मामले के अनुसार विगत कई वर्षों पूर्व किरंदुल नगर पालिका प्रशासन के द्वारा पालिका के वार्ड नं 16 गांधी नगर में जनता के लिए एक सुलभ शौचालय का निर्माण करवाया गया था ।किरंदुल पालिका के दस्तावेजों में उक्त सुलभ शौचालय का निर्माण बिना खिड़की बिना दरवाजे के हो भी गया और पालिका प्रशासन के शीर्ष जनप्रतिनिधियों के द्वारा उसका भुगतान भी कर दिया गया ।परंतु अगर जमीनी हकीकत की बात करें तो उक्त निर्मित शौचालय में ना तो खिड़की लगी और ना ही दरवाजे ।ना ही अंदर प्लास्टर हुआ और ना ही बाहरी दीवारों पर प्लास्टर हुआ और ना ही सुलभ शौचालय जैसी कोई सुविधा जनता को दी गई ।सिर्फ पास हुआ तो संबंधित ठेकेदार का बिल भुगतान ।उल्लेखनीय हैं कि उक्त सुलभ शौचालय के निर्माण के बाद से ही उसके टूटे फूटे दरवाजे पर एक नाममात्र का ताला जड़ दिया गया है ।ताकि कोई व्यक्ति या भूत पिशाच उस शौचालय का उपयोग नहीं कर सके ।नगर में चर्चा है कि सर्वप्रथम तो उस स्थान पर सुलभ शौचालय के निर्माण की कोई जरूरत ही नहीं थी क्योंकि उक्त स्थान पर ना कोई बाजार हैं और न ही कोई टैक्सी या बस स्टैंड । फिर शासन के पैसे का दुरुपयोग समझ से परे है अगर किसी को लाभ पहुचाने की नियत से उस सुलभ शौचालय का निर्माण किया भी गया था तो उसको व्यवस्थित रूप से संचालित करने की भी जिम्मेदारी किरंदुल पालिका प्रशासन को उठानी चाहिए थी ।आज आलम यह है कि उक्त शौचालय के चारों तरफ बड़ी संख्या में झाड़ियों और पेड़ो की उत्पत्ति हो गई है।जिस कारण अगर वार्ड नं 16 के शौचालय को ढूंढने की कभी भविष्य में जरूरत पड़ी तो उसके लिए एक प्रतिनिधिमंडल का गठन करना होगा तब कहीं जा कर उस सुलभ शौचालय को ढूंढा जा सकेगा । विदित हो कि सड़क से करीबन 10 मीटर के नीचे उस अदभुत और गुमनामी सा जीवन जी रहे उक्त शौचालय में आज वर्तमान में इंसान क्या भूत प्रेतों को भी यूरिन करने में डर लगेगा ।