विभाग की मांग पर पंद्रह हजार रुपय का शुल्क भी किया अदा।
नगरी/राजशेखर नायर – ग्राम फरसियां निवासी राधिका पारख अपने निर्माणाधीन मकान के अंदर लगे बिजली के खंभे को हटाने के लिए पिछले 6 महीने से बिजली विभाग का चक्कर काट रही है. उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया.
राधिका पारख अपने पति राहुल और दो बच्चों के साथ जर्जर पुराने कच्चे मकान में रहने को मजबूर है, उन्होंने आशंका जताई की बारिश में मकान का एक हिस्सा कभी भी गिर सकता है, हादसे की आशंका से, बाजू मे उनकी खाली भूमि में उन्होंने मकान बनाना प्रारंभ किया पर भूमि के बीच में बिजली खंभा होने की वजह से मकान निर्माण में बाधा आ रही है जिसको हटाने के लिए 6 माह पूर्व बिजली विभाग को आवेदन दिया गया और शासन द्वारा ग्राम में आयोजित सुशासन त्यौहार में भी आवेदन दिया और बिजली विभाग के कहे अनुसार माहभर से भी अधिक समय होने को है ₹15 हजार का शुल्क भी पटा चुकी है, जिसका रसीद भी विभाग द्वारा नहीं दिया गया और कहां गया की डिमांड शुल्क पटने के तुरंत बाद बिजली खंभा हटा दिया जाएगा पर विभाग उनकी परेशानियों को अनदेखी करते हुए खंबा हटाने की कार्रवाई पूर्ण नहीं कर रही है और बारिश की वजह से पुराने जर्जर मकान में दुर्घटना की आशंका के चलते परिवार के सभी सदस्य डर के साए में रात बिताने को मजबूर हैं.
फोटो -डी एच ए – कैप्शन 1 राहुल पारख ( राधिका का पति)- अभी जिस मकान में निवास कर रहे हैं वह काफी पुराना और जर्जर हो चुका है बारिश में हादसे के डर से मेरी पत्नी के सलाह पर मकान से लगे बाड़ी की भूमि में नया पक्का मकान बनाना प्रारंभ किया पर बिजली की खंभे की वजह से निर्माण कार्य अधूरा है खंबे को हटाने के लिए 6 माह पूर्व हमने बिजली विभाग को आवेदन दिया था विभाग के कहे अनुसार 15 हजार का शुल्क भी पटाया है पर अब तक खंबा नहीं हटाया गया है. जिसकी वजह से नए मकान का निर्माण कार्य अधूरा है. निवासरत मकान की जर्जर स्थिति की वजह से हादसे की आशंका के साए में रात गुजर रही है शासन से निवेदन है कि जल्द से जल्द बिजली खंभा को हटाया जाए ताकि हम अपने अधूरे घर को पूर्ण कर सकें.
अस्सिटेंट इंजीनियर बिजली विभाग नगरी- रमेश कुमार बिसेन – खंबा हटाने की विभागीय प्रक्रिया चल रही है, सैंक्शन हो चुका है, डिमांड शुल्क पट चुका है, वर्क आर्डर आते ही खंबा हटा दिया जाएगा.
फोटो -डी एच ए – कैप्शन 2- राधिका अपने पति राहुल पार्क और बच्चे के साथ अपने पुराने जर्जर मकान के बाजू में बन रहे नए मकान के सामने
