कांग्रेस का सहकारी समिति पर विरोध प्रदर्शन, किसानों को खाद-बीज संकट से राहत दिलाने की मांग।

महासमुंद :-प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के आह्वान पर, महासमुंद जिले में कांग्रेसजनों ने जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, प्रभारी अजय नंद, और विधानसभा प्रभारी पंकज मिश्रा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय से रैली निकालकर सहकारी समिति महासमुंद का घेराव किया और धरना प्रदर्शन किया। विधानसभा प्रभारी पंकज मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद से किसानों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। 2018 से पहले भी भाजपा सरकार ने किसानों को आत्महत्या की कगार पर ला दिया था। लेकिन कांग्रेस की पूर्ववर्ती भूपेश सरकार ने किसानों को राहत दी और उन्हें समृद्ध बनाने का कार्य किया। पूरे देश में छत्तीसगढ़ पहला राज्य था, जहां धान का समर्थन मूल्य ₹3100 तक पहुंचा—यह भूपेश बघेल सरकार की नीतियों का परिणाम था।मिश्रा ने आगे कहा कि आज विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे उनकी फसलें संकट में हैं।डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि इस समय किसानों के लिए हर दिन अहम है,. लेकिन सहकारी समितियों में खाद और बीज की भारी कमी से संदेह उत्पन्न होता है कि कहीं व्यापारी इन सामग्रियों को संग्रहित कर ऊंचे दामों में न बेच रहे हों। उन्होंने आरोप लगाया कि समितियों में जहां किसानों को यह सामग्री नि:शुल्क या सब्सिडी पर मिलनी चाहिए, वहीं बाजार में इसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है, जिससे किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेसजनों ने समिति प्रबंधक को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि किसानों को उनकी आवश्यकता अनुसार खाद और बीज तुरंत उपलब्ध कराए जाएं, अन्यथा कांग्रेस पार्टी किसानों के हित में बड़ा जन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी।इस विरोध प्रदर्शन में डॉ. रश्मि चंद्राकर, पंकज मिश्रा, अजय नंद, दाऊलाल चंद्राकर, राजेश जैन, हीरा बंजारे, जसबीर ढिल्लों, गौरव चंद्राकर, अमन चंद्राकर, शाहबाज रजवानी, और अन्य कई वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता व. जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।