पक्के सुपरमार्केट ने विकास के द्वार में ओपन कमार बसाहटों का निर्माण किया।

धमतरी – जिले के वनांचलों में रहने वाले विशेष जनजाति जनजाति कमार से लेकर अब तक फेर्रेट से निगलने वाली मंजिलें। मोटर सैकिल हो या एंबटूलेंस, सरकारी अधिकारी माननीय या विकास कार्य के लिए सामान में लगे स्थान, बाजार गाड़ी हो या बिजली विभाग की गाड़ी अब सभी का सामान तक सीधे सीधे डाउनलोड करना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत जिलों की विशेष आदिवासी जनजाति कमारों की पिछली पूर्णिमा तक मनाई जाती है। इस योजना के तहत दो चरणों में कुल 36 पक्के पक्के बनाने के लिए 43 करोड़ 31 लाख रुपये की मंजूरी मिली है। सैट फ्लोर डेक से तैयार हो गए हैं और बाकी आइडियाज आइलैंड्स के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। किसी भी स्थान पर सड़कों के विकास में अहम भूमिका वाली प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच धमतरी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना साकार हो रही है। सड़क बन जाने से लोगों की पहुंच तो बहुत ज्यादा है, इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नामांकन के लिए सीटें भी आसानी से मिलती हैं। कमर बसाहटों में रहने वाले लोग अब बरसात के दिनों में रंगीन से सनी घरों की गलियों में नहीं जाते।केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पहले चरण में 29 किमी से अधिक मकानई की 10 सड़कों के लिए 15 करोड़ 84 लाख और दूसरे चरण में लगभग 56 किमी से अधिक मकानई की 26 मंजिल के लिए 27 करोड़ 47 लाख मकान की मंजूरी दी है। इनमें से उमरगांव से अलावन तक 1.80 किमी, कोरेमुड़ा से कमारपारा तक लगभग एक किमी मुख्य सड़क से बरकोन्हा-बगरूमनाला तक, आमापारा तक 4.63 किमी, छिंदभर्री-बीजापुर मुख्य मार्ग से फुलधाप-हितली तक 4.63 किमी, मकरडोना से कमारपारा राजीवनगर तक 1.10 किमी तक, बेकरी-कांताकुरीडीह मुख्य मार्ग से हिनापथरा तक, बेलोरा कमरपारा से 2.80 किलोमीटर लंबी सड़कें बन गईं। कमार समाज के प्रमुख श्री बुधलाल कमार ने बताया कि इन सड़कों के बन से काम हमरों को आने में अच्छी सुविधा मिल गयी है। वनक्षेत्र में पहले प्लास स्ट्रीट के कारण गाँववालों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में किसी के बीमार हो जाने पर गाँव तक एम्बूलेंस नहीं आ मरीज था, जिससे मरीज को समय पर अस्पताल में डॉक्टर की सलाह पर छुट्टी हो जाती थी। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती थी। तेल-सब्जी-नमक की जरूरत की वजह से बाजार तक उपभोक्ताओं को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी अधिकारी-कर्मचारी को भी कोई फायदा नहीं होने के कारण बहुत कम ही इन कमार नेपोलियन तक को छोड़ दिया गया था, जिससे कमार ट्राइब के लोग शासन की मंजूरी का लाभ लेने में भी पीछे रह गए थे। श्री बुधलाल ने बताया कि लेकिन अब सड़क बनने से कमार बसाहटों तक पहुंचना आसान हो गया है। इंटरचेंज पर शतरंज रेसिंग स्टॉकहोम हैं और अब सभी समस्याओं का समाधान हो गया है। श्री बुधलाल ने अपने पूरे समाज की ओर से विशेष रूप से भोजपुरी जनजाति के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का महिमामंडन किया है।