महासमुंद – भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कमिश्नर एवं कलेक्टर की उपस्थिति में सांसद रूपकुमारी चौधरी द्वारा प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में प्रशासनिक रिपोर्ट की धज्जिया उड़ाना शर्मनाक है। जिले के कलेक्टर का मंच पर उपस्थित रहते हुए जनता के साथ किये जा रहे मजाक जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया है। जिले के राजस्व विभाग के मुखिया की उपस्थिति में उनके विभाग की धज्जियां उड़ती रहने और उनके मौन से लगता है कि सारा कुछ उनकी जानकारी एवं सहमति से हो रहा है। महासमुन्द तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय के भ्रष्टाचार के संबंध में कलेक्टर से शिकायत के बाजजूद किसी प्रकार की कार्यवाही न होना अनेक संदेह को जन्म देता है। तहसील कार्यालय में शिकायतकर्ताओं को बुलाकर धमकाने एवं सी.सी.टी.वी. कैमरे को निकालने की घटनाओं की जानकारी भी कलेक्टर को देने पर उनके द्वारा कोई कार्यवाही न करना प्रशासन की उपेक्षा का धोतक है। मेरे द्वारा स्वयं कलेक्टर को तीन माह पूव आम जनता के कामों पर आ रही कठिनाइयों की जानकारी देने के बावजूद मात्र आश्वासन के सिवाय कुछ नही मिला। महासमुन्द तहसील कार्यालय में खुले आम चर लहे भ्रष्टाचार की जानकारी भी कलेक्टर को दी गयी लेकिन उसकी जांच में भी कोई प्रगति नही है। एक पटवारी को गांव वालों के दबाव के बाद धूख के आटो में निलंबित करना भी विवशता पूर्वक उठाया गया कदम है जबकी अखबार की सूचना पर कलेक्टर को स्वतः संज्ञान लेकर मामले को निपटाना था साथ ही उस क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार को तत्काल कार्यवाही करनी थी जो स्पष्ट करता है कि पुरा प्रशासनिक चैनल किसी भगत से कार्यवाही कर रहा है एवं भूमाफियाओं से इनका गठजोड़ है। अभनपुर कांड के एक बड़े भूमाफिया को महासमुन्द के अधिकारियों का खुला संरक्षण है जिसके कारण वह अभनपुर के साथ-साथ महासमुन्द क्षेत्र का भी करोड़ो के खेल में संलिप्त है जिसकी भी जां की जरूरत है। डॉ. चोपड़ा ने सांसद की सफोगाई की प्रशंसा करते हुए अन्य जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि सांसद से सीख लेते हुए जनता के कार्यो के लिए प्रशासन में बैठे भ्रष्ट लोगों को उठक बैठक कराएं न की नाकामियों पर पर्दा डालने का काम करे।
