प्रदेश के 370 गुरुओं ने तोड़ा दम! छात्रों को सता रहा गम…

मोहम्मद इकरार अहमद
संभागीय ब्यूरो

सरगुजा/ जशपुर – आधुनिक तकनीकी उपकरणों से लैस छत्तीस गढ़ राज्य में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है जहां कोरोनावायरस के शिकार हुए 370 शिक्षकों ने दम तोड़ दिया है इतने बड़े पैमाने पर शिक्षकों की मौत से पूरे प्रदेश में भयंकर भय का वातावरण है उधर शिक्षकों की मौत का गम छात्रों को भी सताने लगा है। और सरकारें आंकड़ा छुपाने में जुटी है।
देश को ज्ञान का रौशनी बाटने वाले शिक्षक अब बे मौत मर रहे हैं गुरू बिना ज्ञान कहां संभव है? जहां 370 गुरुओं का असमय निधन से पूरा देश हताहत हुआ है जिससे अब युवाओं का भविष्य भी अधर पर दिखाई पड़ता है। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों का गुजर जाना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। जिसके विरोध का सुर अब पूरी दुनिया में ताल ठोक रहा है बतादें, शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, जशपुर जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता एवं महामंत्री संजीव शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग में प्रस्तुत किये आँकड़ो के अनुसार कोरोना संक्रमण के कारण, छत्तीसगढ़ के 54 विभागों में से अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार मौत का कुल आंकड़ा 689 है। जिसमें से अकेले शिक्षा विभाग में अब तक 370 शिक्षकों ने अपनी जान गँवाई है। शिक्षकों के मौत का सिलसिला निरंतर है। लेकिन शिक्षकों की डयूटी,कोरोना महामारी के रोकथाम में लगाना बदस्तूर जारी है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोई सुरक्षात्मक उपाय किये बिना ही,जिला प्रशासन,शिक्षकों की मनमाने डयूटी,कोरोना महामारी के रोकथाम एवं नियंत्रण में लगा रहा है। विभाग के जिला एवं ब्लॉक के अधिकारी कोरोना संबंधित डयूटी से इंकार करने वाले शिक्षकों को,वेतन रोकने की धमकी दे रहे हैं। शिक्षकों की जान जा रही है,उनका परिवार बेसहारा हो रहा है और विभाग के उच्च अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। कोरोना संक्रमित हो रहे शिक्षकों के त्वरित इलाज का कोई प्रबंध विभाग नहीं कर रहा है। संक्रमित शिक्षक त्वरित इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। विभाग रोज नए फरमान जारी कर रहा है। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि,विभाग को अपने शिक्षकों की जान की परवाह नहीं है।

फेडरेशन ने 26 अप्रैल 2021 के स्थिति में,राज्य के 29 जिलों के अंतर्गत हुए शिक्षकों के मौत के आँकडों का जानकारी दिया है।जोकि बेहद चौंकाने वाला है। आँकड़ो के अनुसार *रायपुर संभाग* अंतर्गत जिला रायपुर में 49,बलौदाबाजार में 28, धमतरी में 15,महासमुंद 25 एवं गरियाबंद में 09 *कुल 126* शिक्षकों का परिवार बेसहारा हुआ है। *दुर्ग संभाग* अंतर्गत जिला दुर्ग 41,राजनांदगांव 46, कवर्धा 5,बेमेतरा 10 तथा बालोद से 13 *कुल 115* शिक्षकों को कोरोना ने लील लिया है। *बिलासपुर संभाग* अंतर्गत बिलासपुर 14,कोरबा 02 ,सक्ति 07, मुंगेली 03, जी पी एम 04 , जांजगीर 12,रायगढ़ से 23 *कुल 65* शिक्षक परिवार बेसहारा हुए है। *बस्तर संभाग* अंतर्गत बस्तर 02 ,दंतेवाड़ा 00,सुकुमा 21,बीजापुर 03,नारायणपुर 00 , कोंडागाँव 04 ,काँकेर से 04 *कुल 34* शिक्षकों के घर में अंधेरा छा गया है। *सरगुजा संभाग* अंतर्गत जिला अम्बिकापुर 05, सूरजपुर 02, बलरामपुर 06 ,कोरिया 03 ,जशपुर से 14 *कुल 30* शिक्षक कोरोना कार्य जैसे ग़ैर-शिक्षाकीय कार्य में शहीद हुए हैं। फेडरेशन के कहना है कि समाज को राह दिखाने वाला शिक्षक,खुद अंधेरे में खो गया है ! आखिर 370 शिक्षकों को मौत के मुँह में धकेलने का दोषी कौन है ?

फेडरेशन का कहना है कि शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी के पदों में सहायक शिक्षक के 7144 पद एवं सहायक शिक्षक विज्ञान के 4035 पद कुल 11179 पद रिक्त हैं। फेडरेशन ने राज्य सरकार से दिवंगत शिक्षक के परिवार के एक सदस्य को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने के माँग पर जोर दिया है। फेडरेशन ने राज्य शासन को सुझाव दिया है कि,कोरोना महामारी के दृष्टिगत,दिवंगत शिक्षकों के परिवार के एक सदस्य को सांत्वना स्वरूप अनुकंपा नियुक्ति देने,पात्रता एवं शर्तों को *एक बारीय उपाय* के तहत शिथिल करना चाहिए।