“पढ़ई तिहार 2025” के सफल आयोजन बाबत राज्य स्तरीय वेबीनार का आयोजन।

यशवंत गिरी गोस्वामी 

    धमतरी – नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, बुनियादी स्तर पर बच्चों में समग्र विकास के लिए विभिन्न प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत विगत 5 सालों से प्राथमिक शाला में कक्षा 1 के बच्चों के लिए “अंगना म शिक्षा” कार्यक्रम प्राथमिक स्कूलों में आयोजित किया जा रहा है। दिनांक 19 अप्रैल 2025 को राज्य परियोजना कार्यालय, रायपुर की ओर से ऑनलाइन राज्य स्तरीय वेबिनार के माध्यम से 25 अप्रैल 2025 को “पढ़ई तिहार” मनाये जाने का आह्वान किया गया। यह “पढ़ई तिहार” प्रत्येक वर्ष आंगनबाड़ी/बालवाड़ी के 5 से 7 वर्ष आयु के बच्चों के साथ स्कूलों में मनाया जाता है, जिससे बच्चों के विभिन्न विकासात्मक क्षेत्रों का आकलन उनकी माता के सम्मुख किया जाता है ।

राज्य परियोजना कार्यालय से सहायक संचालक, डॉ एम सुधीश एवं उनके कोर टीम ने वेबीनार में इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा को प्रस्तुत किया। साथ ही सभी से आग्रह किया है कि इस बार पढई तिहार बेहतर तरीके से मनाया जाए । इस वर्ष उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत बहुत सी सामग्रियां राज्य कार्यालय से प्राथमिक स्कूलों को भेजी जा रही हैं, जैसे सपोर्ट कार्ड, पोस्टर, आइडिया कार्ड, वर्कशीट, शाला पूर्व तैयारी पुस्तिका, स्मार्ट माताओं के लिए आई कार्ड इत्यादि । छत्तीसगढ़ राज्य के सभी संभागों से जुड़े हुए कोर टीम के सदस्यों ने इस पूरे कार्यक्रम को विस्तार पूर्वक समझाया ।

रायपुर संभाग की शिक्षिका श्रीमती रीता मंडल ने कार्यक़म की आवश्यकता एवं उद्देश्य को बातायी ,कि बच्चों का संपूर्ण विकास व स्कूल जाने से पहले की तैयारी आंनद मय माहौल में की जानी चाहिए। माताओं की क्षमता वृद्धि कर इस विषय में उनकी सहभागिता प्राप्त करना है । यह कार्यक्रम मुख्यतः माताओं को केंद्रित कर बनाया गया है, ताकि माताएं एवं गांव के माताओं का समूह अपने बच्चों और स्वयं के उन्मुखीकरण के लिए तैयार होता रहे और भविष्य में इस प्रकार का कार्यक्रम स्वाभाविक रूप से प्रत्येक प्राथमिक शाला में 25 अप्रैल को मनाते जाए ।

शिक्षिका प्रीति शांडिल्य ने बातायी कि अंगना म शिक्षा की शुरुआत 2020 से शुरू हुआ है । इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय अवार्ड स्काच अवार्ड से नवाजा गया है।

शिक्षिका श्रीमती सीमा मिश्रा ने पढई तिहार हेतु गांव में मुनादी कराने, आंगनबाड़ी के 5 से 6 वर्ष के बच्चों को उनके माताओं के साथ पढ़ई तिहार में आने के लिए आमंत्रित करने एवं मेला पूर्व तैयारी कैसे करें विस्तार से बतायी ।

शिक्षिका श्रीमती सावित्री सेन ने बतायी कि इस कार्यक्रम के तहत पढ़ई तिहार मेले में 9 काउंटर बनाए जाते है, जिसमें क्रमशः नामांकन संकलन, शारीरिक व क्रियात्मक, बौद्धिक, भाषा, गणित पूर्व तैयारी, बच्चों का कोना विषय पर शिक्षकों और माताओं के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों कराई जाती है।

शिक्षिका श्रीमती आशा कुरैशी ने बातायी कि आगामी शैक्षिक वर्ष में कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों को सपोर्ट कार्ड दिया जाता है ।

शिक्षिका श्रीमती कमला सिन्हा ने एक्टिव मदर कम्युनिटी, स्मार्ट माता एवं घर आंगन में माताऐं गर्मी की छुट्टी में खेल खेल में शाला पूर्व तैयारी कैसे करें विस्तार से बतायी।  शिक्षिका श्रीमती ऊषा कोरी ने राज्य कार्यालय व्दारा प्रत्येक स्कूल प्राप्त आईडिया कार्ड के बारे में जानकारी दी।इसी क्रम में शिक्षिका श्रीमती पुनिता साहू ने माता हेतु पुस्तिका एवं श्रीमती राधा धृतलहरे ने वर्कशीट के बारे में विस्तृत जानकारी दी।प्रथम फाउंडेशन के लोकेश सिन्हा ने पढई तिहार के बाद डाटा एंट्री कैसे करें विस्तार से बताया ।

प्रत्येक वर्ष की तरह एएमसी सदस्य, स्मार्ट माताए , बच्चे, माताएं इस पढ़ई तिहार कार्यक्रम में उत्साह के साथ भाग ले, इसके लिए आमंत्रण पत्र स्कूल के द्वारा माताओं , पालकों, समुदाय के गणमान्य नागरिकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेजा जाना प्रारंभ हो चुका है। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के शिक्षकों और समुदाय के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है।कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षिका श्रीमती रीता मंडल ने किया।