साहित्यकार राष्ट्र के शिल्पी-डॉ. परदेसी राम वर्मा ।
महासमुंद – काव्यांश साहित्य एवं कलापथक संस्थान महासमुंद एवं जनवादी लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में स्वाध्याय भवन महासमुंद में डॉ. अशोक आकाश द्वारा रचित काव्य संग्रह मदिरालय का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर के ‘सारा जहां हमारा स्कूल के दिन आए, फिर दादी अम्मा गई किधर सारी दुनिया एक तरफ’ जैसे अद्वितीय बाल काव्य संग्रह की समीक्षा की गई एवं प्रसिद्ध रचना धर्मी बद्री प्रसाद पारकर दुर्गा द्वारा लिखित आत्मकथा ‘धीरे-धीरे उतरे पार’ की समीक्षा की गई।पुस्तक समीक्षा एवं विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के ख्याति नाम साहित्यकार एवं जनवादी लेखक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. परदेसी राम वर्मा उपस्थित थे। अध्यक्षता साहित्यकार श्रीमती एस चंद्रसेन ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार अशोक शर्मा महासमुंद, पूर्ण चंद्र रथ महासचिव जनवादी लेखक संघ उपस्थित थे। पुस्तक समीक्षा एवं विमोचन करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. परदेसी राम वर्मा ने कहा कि साहित्यकार राष्ट्र निर्माण के शिल्पी है, वह अपने साहित्यिक ओज से राष्ट्र को प्रकाशित कर सकते हैं। उन्होंने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के पूर्व व बाद में राजनेताओं द्वारा साहित्यकारों की पूछ परख के साथ मार्गदर्शन लेते थे व सम्मान देते थे। लेकिन, आज के परिवेश में साहित्यकारों को कोई पूछने वाला नहीं है। जबकि, साहित्यकार, कलमकार राष्ट्र के सच्चे हितैषी होने के साथ-साथ मार्गदर्शक हो सकते हैं। उन्होंने अनेक उदाहरणों से इस बात का जिक्र किया।इस दौरान साहित्यकार अशोक शर्मा, श्रीमती एस चंद्रसेन, पूर्ण चंद्र रथ ने कमलेश चंद्राकर द्वारा रचित बाल साहित्य को आज के परिपेक्ष में प्रासंगिक बताया। श्री चंद्राकर द्वारा कृत बाल साहित्य सारा जहां हमारा है, की समीक्षा साहित्यकार द्रोपती साहू सर्सिज, स्कूल के दिन आए फिर दादी अम्मा गई किधर की समीक्षा साहित्यकार व पत्रकार उत्तरा विदानी द्वारा की गई। बाल साहित्य सारी दुनिया एक तरफ की समीक्षा करते हुए श्रीमती सरिता तिवारी ने अपने बचपन के कुछ संस्मरणों से जोड़ा।लेखक बद्री प्रसाद पारकर दुर्ग द्वारा रचित आत्मकथा की समीक्षा करते हुए साहित्य जगत के सशक्त हस्ताक्षर एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बंधु राजेश्वर खरे ने कहा कि पारकर जी की आत्मकथा में जीवन दर्शन निहित है।इस अवसर पर साहित्यकार टेकराम सेन चमक ने अपनी अद्वितीय संचालन से समस्त बाल साहित्य की समीक्षा करते हुए विद्यालय बच्चों तक पहुंच उपलब्ध कराने की बात कही। स्वागत भाषण साहित्यकार एवं काव्यांश के संस्थापक अध्यक्ष भागवत जगत भूमिल ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ख्याति नाम पत्रकार एवं फोटोग्राफर गोकुल सोनी, नरेश साहू, चंद्रशेखर साहू, मुरली पटेल, दीपक पटेल, डॉ रामगोपाल यादव, डॉ रिद्धि राम साहू, लख्मीचंद देवांगन सहित साहित्यकार व साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। संचालन टेक रामसेन चमक व आभार प्रदर्शन दिशा नाट्य मंच से नरेश साहू द्वारा की गई।
