मुख्यमंत्री की “सुशासन तिहार” पहल की सराहना की डॉ चोपड़ा ने।

महासमुंद:-भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा ने मुख्यमंत्री की “सुशासन तिहार” पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसको सफल बनाने के लिए अफसरशाहीपर लगाम कसनी होगी जहां पहले से हजारों आवेदन जो जनदर्शन के दौरान दिए गए हैं वो वर्षों से धूल खा रहे हैं। खासकर राजस्व विभाग जिसके मुखिया स्वयं कलेक्टर हैं वहां उनके द्वारा वर्षों पूर्व अनुविभाग में भेजे गए आवेदन जांच के पश्चात भी वर्षों से धूल खा रहे हैं एवं उन आवेदनों को जबरन न्यायालयीन प्रकरण बनाकर समय सीमा से बाहर कर दिया जाता है। तहसील कार्यालय में ऑनलाइन रिकार्ड दुरुस्त करने की कोई समय सीमा नहीं है। बिना विवाद के प्रकरणों में पेशी ऊपर पेशी देना तहसील कार्यालय की परंपरा बन गई है, वहीं छोटे-मोटे लाइसेंस जो कार्यालयीन कार्य है न्यायालय के नाम पर लोगों को भटका कर मोटी रकम ऐंठने का काम निरंतर जारी है।  डॉ. चोपड़ा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा कि “सुशासन तिहार” के आवेदन लेने के साथ-साथ उनके जनदर्शन में आए वर्षों के आवेदनों की समीक्षा कर उनकी स्थिति जान लें केवल विभागों को मार्क कर आवेदन भेज देने मात्र से उसका निराकरण न समझे। पिछले दिनों इन सब बातों को लिखित शिकायत राजस्व सचिव अविनाश चंपावत से की गई एवं प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री को भेजी गई है। डॉ. चोपड़ा ने बताया कि शीघ्र ही यदि इन शिकायतों पर कार्यवाही नहीं हुई तो पीड़ितों के साथ पदयात्रा कर राजभवन में राज्यपाल को शिकायत कर कार्यवाही की मांग की जावेगी।बुधवार को आम जनता की आई शिकायतों की सूची लगभग दो माह पूर्व कलेक्टर की मांग पर उन्हें दी गई थी एवं उनके द्वारा एक माह में कार्यवाही का आश्वासन दिया गया था, परंतु आज तक कोई कार्यवाही न होने एवं उसकी जानकारी न देने पर यह मान्यता बलवती होती है कि अफसरशाही को जनता की कोई चिंता नहीं है। राजस्व अधिकारियों के भू-माफियाओं से संबंध अभनपुर में 43 करोड़, अंबिकापुर में सैकड़ों एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा और प्रदेश में अनेक स्थानों पर होने वाली गड़बड़ी ने राजस्व विभाग की पोल खोली है। अभनपुर प्रकरण में खाता महासमुंद के बैंक में खोला गया है एवं जिस भू-माफिया द्वारा यहां खाता खुलवाकर करोड़ों की गड़बड़ी की गई है उसका महासमुंद के राजस्व विभाग के अधिकारियों से गहरा संबंध एवं उनके फैसलों से उनके लेन-देन की बात स्पष्ट होती है जिसकी गहराई से जांच की आवश्यकता है।