उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का हुआ सीलबंद में सुरक्षित पैच।
धमतरी – कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने जिले के इलाकों के जिलों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन से सुरक्षित लक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में सभी डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी निर्देशित किया है। डॉक्टर के निर्देशानुसार अमल करते हुए आज हाई रिस्क में दो गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन कर सुरक्षित पदस्थापित किया गया। इनमें ग्राम कुंडेल की श्रीमती भानमती यादव और मैग्लोड की श्रीमती नंदनी सिन्हा हैं। छह साल के बाद श्रीमती भानमती यादव की पहली प्रस्तुति हुई। उन्हें ऑलिगो सिलिकॉन मिनस यानी गर्भ में पानी की कमी होने के कारण ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया, बच्चे का वजन तीन इंच का है और बच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। वहीं, श्रीमती नंदनी सिन्हा का प्रसवपूर्व समय आने के बाद भी सामान्य प्रसव नहीं हो रहा था और म्यूकोनियम पास हो गया था, जिससे शिशु खतरनाक स्थिति में था। इनका भी ऑपरेशन कर सुरक्षित बताया गया, बच्चा 2.6 ट्रैक्टर का है और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल.कौशिक ने बताया कि दोनों खंड उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जानकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शारदा ठाकुर द्वारा उन्हें दिया गया। इस पर सक्रिय कार्रवाई करते हुए जिले से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ.टी.आर. ध्रुव को लेकर मैगलोड मजबूत संबंध, जहां से पहले ही ऑपरेशन की तैयारी मैगलोड के डॉ. महेश शर्मा थे। एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट डॉ. ध्रुवला के पिता का ही ऑपरेशन हुआ। इससे पहले चार अप्रैल को सीजेरियन प्रसव वाले जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की जानकारी डॉ. कौशिक द्वारा वार्ड में ली गई थी, जहां मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सीएम आदर्श माता ने सामान्य निजीकरण,स्वतंत्रता संबंधी सलाह दी। गर्मी को देखते हुए वार्ड में दिए गए निर्देश खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
