कोंडागांव – शासन की जनकल्याणकारी आयुष्मान भारत योजना के तहत कोंडागांव जिले के एक गरीब परिवार के मासूम बच्चे की गंभीर बीमारी का इलाज संभव हो सके, जिससे बच्चे को नई जिंदगी के साथ परिवार को बड़ी राहत मिले। इस योजना की वजह से न केवल बच्चे का इलाज हुआ, बल्कि पूरे परिवार के सदस्यों के पास फिर से मुस्कान लौट आई। कोंडागांव विकासखंड के ग्राम मदनार निवासी श्रीमती सुगंतीन नाग और श्री खेलसिंग नाग के आठवें वर्ष पुत्र मनराज नाग को बचपन से ही लगातार दो-खांसी की समस्या बनी हुई थी। बच्चे की इस बीमारी के स्थानीय विशिष्टताओं में कई बार इलाज के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही थी और आर्थिक संसाधनों का भी सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय स्तर पर कोई राहत नहीं मिलने पर बेहतर चिकित्सा की तलाश में उनके परिवार ने आंध्र प्रदेश के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अधिवक्ताओं ने आवश्यक परीक्षण के बाद बताया कि मनराज के दिल में छेद हो गया है और सर्जरी ही इसका समाधान है। लेकिन सर्जरी का खर्च वहन कर पाना परिवार के लिए संभव नहीं था, जिस कारण वे निराश होकर पुनः अपने गांव लौट आए। अपने बच्चे को हो रही परेशानी को देखते हुए आर्थिक असमानताओं के बावजूद परिवार को नुकसान नहीं हुआ। उन्हें गांव के स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने पर आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। यह योजना उनकी आशा की किरण बनी हुई है। जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निर्देशन में मनराज को रायपुर के एसएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट ले जाया गया, जहां नवंबर 2024 में उनकी कार्डियोथोरेसिक और वेस्कुलर सर्जरी की सर्जरी की गई, जिसके लिए आयुष्मान योजना से 01 लाख 59 हजार युवाओं को आर्थिक सहायता दी गई। हृदय की सर्जरी के बाद आज मनराज पूरी तरह स्वस्थ हैं और एक नया जीवन जी रहे हैं।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के परामर्शदाता, राज्य सरकार के नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। जन कल्याण योजना के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। शासन के आयुष्मान भारत योजना का सबसे अच्छा सुझाव यह है कि इस योजना में केवल एक मासूम बच्चे को जीवनदान नहीं दिया गया, बल्कि उसके परिवार को भी एक नई आशा और विश्वास से भर दिया गया।
