सार्थक स्कूल ने पूरे किए गौरवशाली 21 वर्ष, स्थापना दिवस मनाया धूमधाम से।

सार्थक के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रेरणा स्रोत पूर्व प्राचार्य का किया सम्मान।

मानसिक दिव्यांग बच्चों ने सुलेख, ड्रॉइंग,कलरिंग, रंगोली, वादन एवं गायन, विधाओं में अपनी अद्भुत प्रतिभा का उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया।

सार्थक स्कूल केवल एक संस्था नहीं, बल्कि यह एक परिवार है, जहाँ हर बच्चा विशेष है, और हर सपने को साकार करने का प्रयास किया जाता है _एम. जग्गी मैडम,(पूर्व प्राचार्य आदर्श शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला धमतरी )विशेष बच्चों की प्रतिभा देखकर हृदय गर्व से भर जाता है। हम सभी का कर्तव्य है कि, हम इन्हें अवसर और प्रोत्साहन देकर इनके जीवन को सार्थक बनाएँ_ प्रभा रावत, संस्थापक अध्यक्ष, सार्थक बच्चों और बड़ों ने फ्रूट पार्टी और केसर_ बादाम शेक के साथ स्थापना दिवस को एंजॉय किया।

यशवंत गिरी गोस्वामी

धमतरी – सर गौरी शंकर श्रीवास्तव सेवा समिति, धमतरी द्वारा संचालित सार्थक स्कूल ने 20 मार्च 2025 को अपनी स्थापना के 21 वर्ष पूर्ण किए। इस विशेष अवसर पर विद्यालय के मानसिक दिव्यांग बच्चों ने सुलेख, ड्राइंग, रंग भरने, रंगोली, संगीत, वादन और गायन जैसी विविध गतिविधियों में भाग लेकर अपनी सृजनशीलता और कौशल का परिचय दिया। उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस स्थापना दिवस को और भी यादगार बना दिया।इस अवसर पर सार्थक स्कूल की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती प्रभा रावत एवं प्रेरणास्त्रोत व मार्गदर्शिका श्रीमती एम. जग्गी मैडम विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
सार्थक की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ,सचिव स्नेहा राठौड़ एवं कार्यकारिणी सदस्य प्रतिभा अग्रवाल और प्रशिक्षकों ने शॉल एवं श्रीफल से अतिथियों का आदर किया। अपने आशीर्वचन में श्रीमती प्रभा रावत ने कहा—बच्चों की प्रतिभा देखकर हृदय गर्व से भर जाता है। हम सभी का कर्तव्य है कि, हम इन्हें अवसर और प्रोत्साहन देकर इनके जीवन को सार्थक बनाएँ। यह संस्था आगे भी इसी ऊर्जा और संकल्प के साथ आगे बढ़ती रहे।

श्रीमती एम. जग्गी मैडम ने सार्थक को शुभकामनाएं दी और कहा – सार्थक स्कूल केवल एक संस्था नहीं, बल्कि यह एक परिवार है, जहाँ हर बच्चा विशेष है और हर सपने को साकार करने का प्रयास किया जाता है। यहां के शिक्षकों, अभिभावकों और सहयोगियों का समर्पण सराहनीय है। मैं सभी बच्चों को आशीर्वाद देती हूँ कि, वे आगे बढ़ें, नए मुकाम हासिल करें और अपने जीवन को आत्मनिर्भर व सफल बनाएं।

सार्थक स्कूल के प्रशिक्षकों ने इस अवसर पर कहा – इन 21 वर्षों की यात्रा में हम बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देते आए हैं। वरिष्ठ प्रशिक्षक मैथिली गोड़े ने कहा_इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान तथा धमतरी और विभिन्न शहरों में उनके परफॉर्मेंस ,सफलता,
सम्मान और पुरस्कार ही हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। कंप्यूटर, संगीत , नृत्य एवं कला प्रशिक्षक मुकेश चौधरी, देविका दीवान एवं काजल रजक ने कहा हमारा प्रयास हमेशा यही रहता है, कि हर बच्चा अपनी क्षमताओं को पहचाने, आगे बढ़े और समाज में अपना स्थान बनाए ।सार्थक की बहुमुखी प्रतिभाशाली बच्ची प्राची ने प्रसन्न होकर बताया_हमने ढोलक बजाया, गाना गाए, ड्राइंग और रंगोली बनाई। सभी ने तालियाँ बजाईं, जिससे हमें बहुत खुशी हुई। अगली बार हम और भी अच्छा करेंगे।सार्थक के संरक्षक डॉ. अनिल कुमार रावत, गोपाल शर्मा मदनमोहन खंडेलवाल,उपाध्यक्ष अनुनंदा, हरख जैन और गजानंद साहू ने स्थापना दिवस की बधाई प्रेषित की।