होली केवल रंगो का नहीं प्रेम और अपनेपन का त्यौहार हैं- कल्याणी कंसारी।
नवापारा राजिम :- उत्साह के रंग से रंगी होली का प्रेम भरा पर्व, दुर्गा शक्ति समिति वार्ड नंबर 07 नवापारा द्वारा हर्षोल्लास के साथ मंदिर के सामने श्रीराम,हनुमान जी महराज एवं भोलेबाबा के साथ भक्ति रंग में डूबकर मनाया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम भोले बाबा को गुलाल लगाकर सभी ने आशीर्वाद लिए और होली पर्व की बधाई दी। समिति की सचिव कल्याणी कंसारी ने होली पर्व पर प्रकाश डालते हुए कहां कि-यह त्यौहार सिर्फ रंगों का त्यौहार नहीं हैं बल्कि स्नेह और अपनेपन का त्यौहार हैं। जिसमें बुराइयों को त्याग कर अच्छाइयों को अपनाने का संदेश दिया जाता हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार होलिका अपनी गोद में सच्चाई के प्रतीक के रूप में भगवान विष्णु जी के परम भक्त प्रहलाद का अंत करने के लिए अपनी गोद में लेकर अग्नि में प्रवेश करती हैं। जिसमें होलिका का अंत हो जाता हैं, प्रहलाद अग्नि में नहीं जलता।इसलिए हमें अपने सारे दुर्गुणों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए। विदित हो कि समिति में बालिकाओं की टीम हैं जिनके द्वारा हर शनिवार एवं मंगलवार को हनुमान चालीसा एवं भजन_ कीर्तन किया जाता हैं साथ ही हर त्यौहार को विधि-विधान पूर्वक मनाया जाता हैं। किसी शुभ अवसर पर आमंत्रण में चालीसा पाठ किया जाता हैं। समिति की अध्यक्ष कार्यक्रम सरोज कंसारी ने कहा कि-अपने लिए तो सभी जीते हैं, लेकिन जब हम सभी स्वार्थ छोड़कर कुछ पल ईश्वर भक्ति-ध्यान एवं भजन में डूबकर व्यतीत करते हैं, इससे आत्मिक शांति और सुकून मिलता हैं। जब हम अपनी हर खुशियों को भगवान से जोड़ लेते हैं, तो अलौकिक आनंद की प्राप्ति होती हैं। मनुष्य जीवन की महत्ता बढ़ जाती हैं, अनावश्यक तनाव दूर होते हैं। ईश्वर के सानिध्य में होली मनाकर ऐसा प्रतित हुआ जैसे वे खुद हमारे आसपास हैं, साथ में होली खेल रहे हो। भक्ति में असीम शक्ति होती हैं, जरूरत होती हैं तो उन्हें महसूस करने की। दुर्गा शक्ति समिति द्वारा होली पर्व पर सात पाठ हनुमान चालीसा किया गया। फाग गीत और ढोलक की थाप में थिरकते हुए भक्तों की टोली भजन के साथ, एक दूसरे को गले लगाकर गुलाल से होली मनाया गया। आरती के बाद भोग-प्रसादी के साथ समापन किया गया। आभार समिति की सक्रिय सदस्य भारती (बबली) साहू ने किया। इस अवसर पर डाली, संजू ध्रुव, बबली, माही, हिमांशी साहू, लक्ष्मी साहू, बेबी, मोक्ष, यादव, वीरू, भवानी, बिजली बाई, उर्वशी, कंचन, पूजा, पीना, कविता, रेखा कंसारी उपस्थित रहें।
