सहायक नोडल अधिकारी के फर्जी शिकायतों का,होस्टल अधीक्षक हो रहे शिकार, 3 अधीक्षकों पर गिरी गाज कलेक्टर ने रोकी एक एक वेतन वृद्धि…

कोरबा- वर्तमान में जहां भारत देश को कोरोना अपने चपेट में लिया हुआ है वह भारत के सभी राज्य भी इसका शिकार हो रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य में हुई कोरोनावायरस बहुत तेजी से फेल रहा है वह मौतों का आंकड़ा भी सैकड़ों में है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिले कोरोनावायरस से ग्रसित हैं वहीं मरीजों की संख्या भी हजारों में सामने आ रहे हैं। शासन प्रशासन पूर्ण मुस्तैदी से कोरोनावायरस को रोकने का प्रयास में लगा हुआ है, वह युद्ध स्तर पर इस महामारी को हराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरबा जिले में भी संक्रमण बहुत तेजी फैलने के कारण कलेक्टर के निर्देश पर लॉक डाउन की भी घोषणा की गई है, जिसे अमल कराने में अधिकारी कर्मचारी शासन प्रशासन एक दूसरे का पूर्ण रुप से सहयोग कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार से इस महामारी से नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की जा सके तो वही कुछ कर्मचारी व अधिकारी लोग के आपसी मनमुटाव व खीचतान मामला भी सामने आ रहे है। जिसका दायरा इस कदर बढ़ गया है कि बिना तथ्य जाने ही छात्रावास अधीक्षकों की शिकायत कलेक्टर से कर दी जाती है जिसे सुनते ही कलेक्टर महोदय द्वारा भी अधीक्षकों पर कार्रवाई के आदेश दे दिए जाते हैं।

ज्ञात हो की ताजा मामला कोरबा जिले के करतला ब्लॉक का है जहां पर कल जिला कलेक्टर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 3 क्वारंटाइन सेंटर में अधीक्षक अनुपस्थित थे कलेक्टर के द्वारा कारण पूछने पर आपसी द्वेष भावना से ग्रसित कोरोना कंट्रोल रूम के सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे ने तथ्य छुपाते हुए की छात्रावास अधीक्षकों की शिकायत कलेक्टर से की, तथ्य से अनजान कलेक्टर ने तीनों अधीक्षकों की एक एक वेतनवृद्धि रोकी-
कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू पूर्ण तालाबंदी के बीच आज कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने आज विकाशखण्ड करतला पहुच कर , आसोलेशन सेंटर व काँटेन्मेंट जोन चिकनिपाली का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुंदन कुमार, एसडीम श्री सुनील नायक सहित विकाशखण्ड स्तरीय अन्य अधिकारी एवं डॉक्टर भी मौजूद रहे।  कलेक्टर ने करतला में रह रहे कोरोना मरीजो से बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। श्रीमती कौशल ने आइसोलेशन सेंटर में भर्ती मरीजों को कोविड प्रोटोकाल के हिसाब से निर्धारित दवाएं और सही समय पर उनका बुखार एवम आक्सीजन आदि चेक करते रहने के निर्देश स्वास्थ्यकर्मियों को दिए।

तीन कर्मचारियों की रुकी वेतन वृद्धि-कलेक्टर ने विकाशखण्ड मुख्यालय में कोरोना संक्रमितों की मदद और इलाज संबंधी विभिन्न सुविधाओ की जानकारी तथा परेशानियों के निराकरण के लिए बनाए गए कंट्रोल का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। श्रीमती कौशल को इस दौरान कंट्रोल रूम के सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे द्वारा तीन छात्रावास अधीक्षक ईश्वर सुर्यवंशी (प्री. मै. आदि. बालक छात्र. बेहरचुवा) आनंद कुमार सोनी(प्री. मैं. आदि. बालक छात्रा. रामपुर) विवेक शर्मा(बालक आश्रम बिरतराई) की अनुपस्थिति की शिकायत की गई। किन्तु सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे द्वारा यह बात छुपाया गया कि ईश्वर सुर्यवंशी की पत्नी लकवा की मरीज है और सुर्यवंशी ने BEO, जनपद CEO व नायब तहसीलदार के समक्ष आग्रह किया था, कि शाम से रात वाले शिफ्ट में ड्यूटी न कर के सुबह से दोपहर वाले शिफ्ट में डयूटी करना चाहता है, अतः अधिकारियों की सहमति मिलने पर उक्त दिवस जिस दिन कलेक्टर का दौरा हुआ उस दिन प्रथम पाली में ड्यूटी कर के चला गया। आनंद कुमार सोनी (अधीक्षक प्री मैं आदि बालक छात्रा रामपुर) के फेफड़े में संक्रमण होने के कारण पूर्व में ही सहायक आयुक्त कार्यालय में आवेदन किया जा चुका था। विवेक शर्मा (अधीक्षक बालक आश्रम बिरतराई) का पूरा परिवार संक्रमित होने के कारण पूर्व में ही आवेदन के साथ मेडिकल रिपोर्ट भेज दी गयी थी, किन्तु कंट्रोल रूम के सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे द्वारा इन सभी बातों को छुपा कर द्वेषपूर्ण शिकायत किया गया, और कलेक्टर द्वारा इन तीन अधीक्षकों के एक एक वेतन वृद्धि रूक दी गयी, विकाशखण्ड के सभी छात्रावास अधिक्षको को एसडीम के आदेश पर छात्रावास में कोरोनटिन सेंटर बनाया गया है जहा उनको सहायक प्रभारी के रूम में डयूटी लगाया गया साथ ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा के आदेश पर जनपद कंट्रोल रूम में भी डयूटी लगाया गया है फिर भी सभी अधीक्षक एक साथ दो कार्य का निर्वहन कर रहे है।  जबकि दोनों कार्यक्षेत्र की दूर 30-40 किमी से अधिक है किन्तु सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे द्वारा छात्रावास अधीक्षकों को स्वयम के कार्यालय का कार्य कराने का प्रयास कराया जा रहा था। इस कारण सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे और छात्रावास अधीक्षकों के मध्य मनमुटाव की स्थिति बननी सुरु हुई। जनपद पंचायत करतला में कम जगह होने के कारण जिला स्तर के अधिकारियों के अनुमति से अधीक्षकों ने जनपद पंचायत करतला के स्थान पर जनपद के ठीक सामने कन्या छात्रावास करतला के अतिरिक्त कक्ष को कंट्रोल रूम बनाया। किन्तु सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे ने इस बात को कलेक्टर से छुपाते हुए सभी अधीक्षकों को अनुपस्थित बता दिया। सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे सहायक ग्रेड 3 के पद पर जनपद पंचायत करतला में पदस्त है और अपने से निम्न पद के कर्मचारी द्वारा किये गए इस तरह के कृत्य से जिले के सभी अधीक्षक दुखी है। सहायक नोडल अधिकारी रावेंद्र प्रताप बंजारे के इस कृत्य में शिक्षक संजय वर्मा एवम तीरथ राठिया ने साथ दियावर्तमान में विकासखंड करतला में 6 छात्रवास अधीक्षक कोरोना संक्रमित है। फिर भी उन्हें नही माना जाता फ्रंटलाइन वारियर, छात्रावास में रखे गए है कोरोना पॉजिटिव मरिज ,न आने जाने के लिए पास दिया गया , पेट्रोल तक भरवाने में आ रही समस्या, जबकि एक साथ 2 डयूटी करने में 30-40 km तक का सफर प्रतिदिन तय करना होता है।