बाहर न जाना* *बाहर कोरोना का खतरा* बिटिया कहे,अम्मा बाहर न जाना, बाहर कोरोना का खतरा !

*गीत -कविता*

*बाहर न जाना*
*बाहर कोरोना का खतरा*

बिटिया कहे,अम्मा बाहर न जाना,
बाहर कोरोना का खतरा !

घर मे पोछा लगाउंगी ,
आंगन में झाड़ू लगाउंगी ।
सब्जी भी बना लूंगी,
पढ़ाई भी कर लूंगी ।

बस किचन में हाथ बटाना ।
अम्मा, बाहर न जाना ।
बाहर कोरोना का खतरा। !

बेटा कहे, पापा बाहर न जाना।
बाहर कोरोना का खतरा !

घर मे ही ऑफिस का काम निपटाना ।
किसी से मिलना नही ,बस फोन से ही बतियाना ।
कुछ मुझसे भी काम कराना ।

गर गलती करूँ तो समझाना ।
पापा, बाहर न जाना ।
बाहर कोरोना का खतरा!

अम्मा कहे बिटिया बाहर न जाना,
बाहर कोरोना का खतरा !

तेरी गुड़िया को साड़ी पहनाऊँगी,
बिंदी लगा, बाल भी सवारूँगी ।
तुमको अब नही डाटूंगी ।

बस सहेली को घर न बुलाना ।
बिटिया बाहर न जाना ।
बाहर कोरोना का खतरा !

पापा कहे, बेटा बाहर न जाना ।
बाहर कोरोना का खतरा !

तुम्हारे साथ गेम मैं भी खेलूंगा ,
मोबाइल ,कम्प्यूटर भी सीखूंगा ।
घर का काम भी कर लूंगा ।

तुम मम्मी का हाथ बटाना,
बेटा बाहर न जाना ।
बाहर कोरोना का खतरा !

– *पोषण कुमार साहू*
महासमुंद,26 अप्रेल 2021