महासमुंद शहर के जरूरतमंदों को इस बार भी नहीं स्वीकृत हुआ प्रधानमंत्री आवास।

राज्य सरकार आवास योजना में दोहरा मापदंड अपना रही है – कृष्णा चंद्राकार।

प्रमोद दुबे

महासमुंद नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकार ने कहा राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना में जरूरतमंदों के लिए आवास बनाने गंभीर नहीं है ।

सरकार को शहरी नागरिकों के आवास से नहीं है कोई सरोकार यह बात सरकार की नीति से साफ नजर आ रही है।लम्बे समय से आवास के लिए पात्र हितग्राही कर रहे है आवास स्वीकृति का इंतजार परंतु राज्य सरकार आवास योजना के लिए गंभीर नहीं है जिसके चलते शहरी क्षेत्रों में लोगों को काफी नाराजगी है।

आने वाले नगरीय निकाय के चुनावों इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।श्री चंद्राकार ने कहा कि राज्य सरकार नगर पालिका के पार्षदों और अध्यक्ष की निधि भी अब तक जारी नहीं की है ।जबकि कार्यकाल पूरा होने को है और अब तक नहीं मिली अध्यक्ष और पार्षदों निधि जिसके चलते शहरी विकास कार्य हो रहा बाधित ।सरकार की इस भेदभाष वाली नीति के चलते जन प्रतिनिधि अपने ही शहर का विकास नहीं करा पा रहे है।आखिर राज्य की भाजपा सरकार क्यों शहरी क्षेत्रों के साथ कर रही है भेदभाव यह गंभीर चिंता का विषय है ।श्री चंद्राकार ने कहा कि शहरवासी आज विकास के लिए तरस रहे परंतु सरकार को शहर के विकास से कोई सरोकार नहीं है।नगरी निकाय के जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली निधि को रोक कर रखना शहर की जनता का अपमान है।श्री चंद्राकार ने राज्य के मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि तत्काल शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान करे साथ ही निकाय के जनप्रतिनिधियों की निधि के लिए आबंटन जारी करे ताकि निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपने वार्डो और शहर का विकास कार्य कर सके।