भाजपा नेताओं के संरक्षण में हो रहा मजदूरों का पलायन : विनोद।

अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के तहत होनी चाहिए कार्रवाई।

प्रमोद दुबे 

 महासमुंद – जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में इन दिनों भट्ठा दलालों द्वारा मजदूरों का बड़ी संख्या में अवैध पलायन कराया जा रहा है। पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने विज्ञप्ति में बताया कि जिले में इन दिनों भट्ठा दलालों द्वारा भोले भाले ग्रामीणों को बहला फुसलाकर तथा रुपए का लालच देकर मजदूरी के लिए छत्तीसगढ़ से बाहर उत्तरप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में ले जाया जा रहा है।

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दलालों द्वारा मजदूरों को पहले ही रुपए देकर फंसाया जा रहा है तथा रुपए देकर जबरदस्ती पलायन करने विवश किया जा रहा है। यदि कोई मजदूर ईंट भट्ठा जाने से मना करता है तो उनके साथ मारपीट तथा रुपए वसूली के नाम पर औने-पौने ब्याज जोड़कर प्रताड़ित किया जा रहा है। चंद्राकर ने कहा कि इस पलायन के चलते छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रभावित होंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को भी प्रभावित

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किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मजदूरों के इस बलात और अवैध पलायन पर गौर किया जाए, तो इसमें संलिप्त भट्ठा दलाल अपने आप को भाजपा का नेता बता रहे हैं तथा अपनी गाडियों में भाजपा का झंडा लगाकर गांव- गांव घूमते हुए मजदूरों को डरा धमकाकर तथा लालच देकर इस कृत्य को अंजाम दे रहे हैं।

मजदूरों का अवैध पलायन डबल इंजन की सरकार की नाकामी

चंद्राकर ने कहा कि चुनाव के दौरान जिस तरह भारतीय जनता पार्टी ने डबल इंजन सरकार का सपना दिखाते हुए नवयुवकों को रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार, कृषकों के जीवन स्तर में सुधार की बातें कही थी, वह आज निरर्थक और थोथी साबित होती नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ की भोली भाली जनता का इस प्रकार अवैध रूप से पलायन कराया जाना तथा भट्ठा दलालों को खुद को भाजपा नेता बताना इस सरकार की नाकामी को दर्शा रहा है। चंद्राकर ने शासन प्रशासन से अपील की है कि इन तथाकथित भाजपा नेताओं का चोला पहने भट्ठा दलालों के खिलाफ अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम, 1979 प्रवासी श्रमिक रोजगार कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।