पता नहीं लोग क्यूँ अब भी, गिरगिट को बदनाम करते हैं।
पता नहीं क्यूँ—- —-///—///– पता नहीं लोग क्यूँ अब भी, गिरगिट को बदनाम करते हैं, जबकि उससे ज्यादा यहाँ तो| आज इंसान रंग बदलता है||– सर्प को जहरीला कहना अब बन्द कर दो साहब, क्योंकि उससे भी जहरीला, आज इंसान हो गया है– अब तो किसी को भगवान , कहने से डर लगता है साहब|…
