नशा करने वाला व्यक्ति सोंचने व समझने की शक्ति खो देता है।

फिंगेश्वर :– शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बिजली में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर गार्गी यदु पाल मैडम के आदेश एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. हेला सर के निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय गरियाबंद स्वास्थ्य विभाग के साधना कश्यप (सामुदायिक नर्स) व उमेश सोनी सामाजिक कार्यकर्ता की उपस्थिति में मानसिक स्वास्थ्य एवं तम्बाकू नियंत्रण पर जानकारी दी गई. इस अवसर पर साधना कश्यप (सामुदायिक नर्स) ने कहा कि तम्बाकू के सेवन से मुँह में कैंसर और फेफड़ों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.धूम्रपान की सेवन से खून में निकोटिन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे आंखों का लाल होना,धुंधला दिखाई देना,आंखों की रोशनी कम हो जाती है.सिगरेट पीने से स्वास्थ्य का खतरा बढ़ जाता है.धूम्रपान से कैंसर, हृदय रोग,फेफड़ों के रोग आदि होती है.उन्होंने आगे मानसिक स्वास्थ्य पर जानकारी देते हुए कहा कि ज्यादा सोंचना,घबराहट,लम्बे समय तक उदास रहना,नशापान का सेवन करना, ज्यादा चिंता करना,मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओ के लक्षण है.उमेश सोनी सामाजिक कार्यकर्त्ता ने कहा कि कि जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं लेकिन धूम्रपान करने वालों के संपर्क में आने से उनको भी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है.जिससे वे अक्सर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस.निमोनिया की बीमारी से ग्रसित होते हैं. संस्था के प्राचार्य पूरन लाल साहू ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति सोचने व समझने क़ी शक्ति खो देता है. नशा नाश की जड़ है. नशापान की सेवन से शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक शक्ति का विघटन हो जाता है.धूम्रपान से श्वसन में कमी,खांसी और कफ से संबंधी समस्या होती है.अतः हमें नशापान से दूर रहना चाहिए.अवसर पर संस्था के प्राचार्य पूरनलाल साहू, व्याख्याता दिनेश कुमार साहू विनय कुमार साहू, नरेन्द्र कुमार वर्मा,रेखा सोनी,गीतांजलि नेताम,संतोषी गिलहरे,सत्या मिश्रा,शिक्षक रुद्रप्रताप साहू,क्लर्क दुष्यंत कुमार साहू, तोमन साहू,भृत्य आकाश सूर्यवंशी व छात्र छात्राएं उपस्थित थे.