महासमुंद नगर के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है बीजेपी सरकार – कृष्णा चंद्राकार।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकार ने कहा  की उप मुख्यमंत्री जी के द्वारा भाजपा के चाहते पार्षदों को चिन्हाकित कर दो करोड़ सड़सठ लाख रूपए की राशि विकास कार्य के रूप में नगर के आठ वार्डो के लिए जारी की गई है।जबकि 22 वार्डो के लिए एक भी रुपए की राशि नही दी गई ।जारी राशि स्पष्ट रूप से बीजेपी के कुछ विशेष पार्षदों के वार्डो चिन्हाकित कर जारी की गई है ।जबकि विडंबना ये है नगरीय प्रशासन मंत्री जी के द्वारा कुछ भाजपा पार्षदों के वार्डो के लिए एक रुपए भी जारी नही किया गया है।नगरी प्रशासन मंत्री अरुण साव के द्वारा महासमुंद नगर के विकास कार्य के लिए जो राशि जारी की गई है उसमे भेदभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उप मुख्यमंत्री जी को नगर के विकास से कोई सरोकार नहीं है उनका उद्देश्य अपने चहेते कुछ भाजपा पार्षदों को लाभ पहुंचाने से है।नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर ने कहा की इस प्रकार की भेदभाव पूर्ण नीति का शिकार केवल कांग्रेस पार्षद ही नही वरन भाजपा के कुछ पार्षदों के वार्ड भी शामिल है।उनके वार्ड के विकास के लिए उनकी ही सरकार से सहयोग नही मिल रहा है ऐसे पार्षदों को अविलंब जनता के हक के लिए अपनी पार्टी से सवाल करना चाहिए की आखिर क्यों उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।और अगर फिर भी उनको न्याय न मिले तो ऐसे पार्षदों का कांग्रेस में स्वागत है।श्री चंद्राकार ने कहा की नगर की जनता हर सरकार से विकास की कामना करती है जन प्रतिनिधि चाहे कोई भी हो सरकार को दलगत राजनीति से उठकर जनता के हित में कार्य करना चाहिए।महासमुंद की जनता ने पिछली भूपेश सरकार के कार्य को देखा है शहर के सभी वार्डो में भूपेश सरकार ने उस समय कार्य करवाए ।पिछली सरकार में किसी भी वार्ड में भेदभाव नहीं हुआ चाहे पार्षद कांग्रेस का हो या बीजेपी का या अन्य दल का ।विकास के कार्य में भूपेश सरकार ने कभी भेद भाव नही किया।परंतु आज नगर की जनता देख रही है की किस प्रकार बीजेपी सरकार नगर की जनता के साथ कैसे सौतेला व्यवहार कर रही है कुछ अपने चहते पार्षदों को करोड़ों की सौगात और बहुत वार्डो में एक रुपए की राशि न देना बीजेपी सरकार की भेदभाव वाली नीति का जीता जागता नमूना है ।श्री चंद्राकार ने कहा की नगरीय प्रशासन मंत्री को समूचे महासमुंद नगर के विकास के लिए दिल खोलकर बिना भेदभाव राशि आवंटित करना चाहिए था क्यों वे प्रदेश के उप मुख्यमंत्री होने के नाते पूरे प्रदेश के विकास कार्य करने के जवाबदार है।ऐसे बड़े नेता को कदापि भेद भाव वाली नीति से कार्य नही करना चाहिए।सबको लेकर नगर और प्रदेश का विकास करना वाहिए।