सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़/एमसीबी। हर साल भगवान विश्वकर्मा पूजा का पर्व बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। 17 सितम्बर के दिन भगवान विश्वकर्मा जी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है साथ ही फल, मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाया जाता है। इस खास अवसर पर लोग अपने वाहन, मशीन और औजार आदि की पूजा करते है।मनेन्द्रगढ़ के श्री साईं फैब्रिक्रेटर्स में देव शिल्पी श्री विश्वकर्मा जी की पूजा के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जहां सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसके अतिरिक्त मनेन्द्रगढ़ के अन्य स्थानों में भी देव शिल्पी विश्वकर्मा की पूजा मंगलवार को विधि-विधान से की गई। जिले के कारखानों, उद्योगों में देवी शिल्पी पूजे गए। सनातन धर्म में देव शिल्पी बाबा विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना गया है। पूरी दुनिया का ढांचा देव शिल्पी ने ही तैयार किया था। इसी लिए उन्हें निर्माण के देवता के रूप में पूजा जाता है।भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर मंगलवार को जिले भर में पूजन कार्यक्रम हुआ। बिजली उपकेन्द्रों के साथ कारखानों व उद्योगों में देव शिल्पी की विधि-विधान से अनुयायियों ने पूजन अर्चन की। सुबह से दोपहर तक पूजा-अर्चन का सिलसिला चलता रहा।इस अवसर पर पुरानी बस्ती जोड़ा तालाब के पास स्थित श्री साईं फेब्रिकेटर्स में भी भगवान देव शिल्पी की पूजा हुई। फर्म के संचालक गौरव गुप्ता और सौरभ गुप्ता ने विधि विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा की और संचालकों ने पूजा के बाद प्रसाद का वितरण किया। भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर जिले में कई जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया। पूजन अर्चन के साथ प्रसाद वितरण का कार्यक्रम सुबह से देर शाम तक जिले के कोने-कोने में चलता रहा।
