निर्धारित समय पर नही खुलता आंगनबाड़ी केंद्र तो कई दिनों तक लटका मिलता है ताला 

भागवत सिन्हा 

पाण्डुका – बच्चों के स्कूल में कदम रखने से पहले प्री-प्राइमरी शिक्षा देने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी केंद्रों की होती है। मगर छुरा विकासखंड के पांडुका यहां आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत बदहाल है और सबकुछ अव्यवस्थित है। किसी जगह आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लटका हुआ मिलता है तो कुछ केंद्र खुला हुआ कार्यकर्ताओं कि मनमानी इस कदर है की उनको शासकीय नियम समय सारणी से कोई सरोकार नही है।

क्या इन हालात में आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों को शिक्षित करने की उम्मीद कर सकते हैं?बताते चलें कि आंगनबाड़ी केंद्र खुलने का समय सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक का है यहां आंगनबाड़ी केंद्र होने के कारण सहायिकाओं की भी नियुक्ति की गई है। लेकिन इस केंद्र के प्रायः बंद रहने से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य भटक गई है।छुरा विकासखंड अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र पांडुका इन दिनों शोपीस बनकर रह गया है। सोमवार को केंद्र 04,06,02 पर ताला लटका रहा।

बच्चे सुबह 9 बजे से घंटों बाहर खड़ा रहकर केंद्र के खुलने का इंतजार करते रहे लेकिन दोपहर तक किसी का पता न चलने के बाद बच्चे अपने घरों की वापस लौट गये। केंद्र के प्रायः बंद रहने से अभिभावकों में आक्रोष गहराता जा रहा है।इस संबंध में सुपरवाइजर से बात हुआ तो बताया की केंद्र क्रमान्क 04 छुट्टी पर है और बाकी 2 केन्द्र बंद था उसका प्रूप भेजिए नोटिस भेजा जायेगा ।