प्रमोद दुबे
महासमुन्द – कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने बताया कि महासमुंद जिले सहित प्रदेश भर में मनरेगा श्रमिकों को उधारी में रोजगार तो मिल गया पर परिवार को रोटी नहीं मिल पा रही है। मनरेगा श्रमिकों को छत्तीसगढ़ में पिछले काफी समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इससे श्रमिकों के सामने परिवार के पालन-पोषण को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। भुगतान को लेकर श्रमिक ग्राम पंचायतों व जनपद पंचायत जिला पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर है पर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा। मजदूरों के सामने बच्चे पालने का संकट है लेकिन डबल इंजन की सरकार और छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा, प्रधानमंत्री ने पहले मनरेगा को कांग्रेस की असफलता का स्मारक बताया, उसे बंद करने की कोशिश की। लेकिन जब जमीनी सच्चाई से रूबरू हुए तो इसे बंद नहीं कर पाए मगर लगातार बजट घटाया अब मनरेगा मजदूरों को मजदूरी नहीं दे रही हैं। कांग्रेस सरकार मनरेगा लाई थी ताकि आम ग्रामीणों, गरीबों, मजदूरों के हाथ में पैसा आए और उनका घर चले। डॉ रश्मि चंद्राकर ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को कमजोर करके देश के मजदूरों के साथ अन्याय कर रही है। मनरेगा मजदूरी नहीं मिलने से मजदूरों को और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डबल इंजन की सरकार से हर वर्ग दुखी हैं छत्तीसगढ़ मनरेगा मजदूरों को न मजदूरी मिल रही हैं न बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नही दे रही साय सरकार न ही भूमिहीन मजदूरों को आगे की किश्त दे रही हैं।
