प्रमोद दुबे
महासमुंद। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर महिला मोर्चा द्वारा हथकरघा बुनकरों एवं शिल्पियों का श्रीफल देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा सुधा साहू द्वारा बताया गया कि 7 अगस्त 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से हैंडलूम हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा और पहचान बन गया है। आधुनिक तकनीक और मशीन के बढ़ते उपयोग के बावजूद छत्तीसगढ़ के कपड़ों और उत्पादों को लगातार संरक्षण और लोकप्रियता मिल रही है। हथकरघा से निर्मित कपड़ों के आकर्षण, पेचीदगियों और प्रामाणिकता को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। छत्तीसगढ़ की कोसे की साड़ियाँ आज भी देश-विदेश में अपनी लोकप्रियता बनाए रखी है। इस अवसर पर निरंजना शर्मा, मीना वर्मा, पार्वती साहू, शुभ्रा शर्मा, सुरेखा कंवर, प्रीति सोनी, उषा पॉल, सुनीता साहू, भगवती करकसे, हेमकांति देवांगन, सारिका यादव, दुर्गा चंद्राकर, अर्चना चंद्राकर, चंद्रलेखा साहू, छाया चंद्राकर, राजेश्वरी तिवारी, श्वेता गुप्ता, बेला भगत उपस्थित थीं।
