प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद केंद्र ने नहीं दी एक भी आवास की स्वीकृति
प्रमोद दुबे
महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि भाजपा के तमाम छोटे. बड़े नेता प्रधानमंत्री आवास को लेकर मीडिया व पोस्टरों के माध्यम से झूठी वाहवाही बटोरने तथा जनता को भ्रम में डालने का काम कर रही है। विधानसभा मानसून सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रश्न पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने स्वीकार किया है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से केंद्र द्वारा एक भी पीएम आवास की स्वीकृति नहीं दी गई है और ना ही इसके लिए 1 नए पैसे की राशि जारी की गई।
श्री चंद्राकर ने कहा कि पीएम आवास योजना 2015 में लागू हुई तब केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार थी। 2011 के जनगणना को आधार मानकर छग के लिए भाजपा सरकार ने पहली केबिनेट की बैठक में 18 लाख आवास का लक्ष्य तय किया था। 2015 से 18 तक रमन सरकार के दौरान मात्र 237000 ग्रामीण पीएम आवास तथा 1900 शहरी पीएम आवास बने। 2018 से 23 तक भूपेश सरकार ने 10 लाख से अधिक पीएम आवास बनाएं। शेष लगभग 7 लाख आवास बनाने के लिए भूपेश बघेल सरकार ने बजट में 3234 करोड़ का प्रावधान किया तथा 7 लाख आवासहीनो के लिये मकान बनाने के लिये पहली किश्त अक्टूबर 2023 में ही भूपेश सरकार ने डाल दिये थे। अब भाजपा के साय सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन 18 लाख लोगों को आवास देने का दावा कर रही है। सरकार को 18 लाख हितग्राहियों की सूची जारी करना चाहिए। श्री चंद्राकर ने कहा कि भाजपा के साय सरकार द्वारा 18 लाख आवास बनाने का प्रावधान किया गया है। इसमें से अब तक एक भी आवास स्वीकृत नहीं हुए हैं। साय सरकार गरीबों को आवास देने के नाम से धोखाधड़ी कर रही है, जो भी आवास बने है और जो बन रहे है वो भूपेश सरकार के दौरान स्वीकृत हुए थे। वर्तमान में केन्द्र की मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रधानमंत्री आवास के मकानों की उक्त संख्या को स्वीकृति ही नहीं दी है।
